अलग-थलग पड़ा पाक, सर्जिकल स्ट्राइक पर अब भारत को मिला जर्मनी का साथ
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पाकिस्तान चौतरफा मात खाता जा रहा है। भारत की कूटनीति रंग ला रही है। रूस के बाद अब जर्मनी ने भारत द्वारा की गई आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन किया है। भारत में जर्मनी के राजदूत मार्टिन नेय ने बुधवार को कहा कि उनका देश आतंकवाद के खिलाफ जंग में भारत के साथ खड़ा है।
भारत की ओर से हाल में पाक अधिकृत कश्मीर में की गई सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह स्पष्ट है कि हर राष्ट्र के पास अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से अपनी सीमा को सुरक्षित करने का अधिकार है। उन्होंने इसे और स्पष्ट करते हुए आगे कहा कि सीमा पार आतंकवाद के मसले पर अंतरराष्ट्रीय कानून में स्पष्ट तौर पर दो मानक हैं।
पहला यह स्पष्ट तौर पर कहता है कि हर राष्ट्र को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए न हो। दूसरा, स्पष्ट अंतरराष्ट्रीय कानून है जो कहता है कि हर राष्ट्र के पास वैश्विक आतंकवाद से अपनी सीमा की रक्षा करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जहां तक आतंकवाद के खिलाफ अभियान की बात है तो जर्मनी अपने सामरिक साझेदार भारत के साथ खड़ा है। यह केवल बातें नहीं हैं बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी और चांसलर एंजेला मर्केल के हस्ताक्षर वाले राजनीतिक घोषणापत्र में ये बातें स्पष्ट तौर पर कही गई हैं।
कई बड़ी विश्व शक्तियां भारत के साथ
भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार के बारे में जर्मन राजदूत ने कहा कि उनका देश भारत का छठा सबसे बड़ा साझेदार है। यूरोपीय संघ में वह भारत का सबसे बड़ा साझेदार है। इससे पहले भारत में रूस के राजदूत ने भी सर्जिकल स्ट्राइक पर भारत का समर्थन किया था।
मंगलवार को यूरोपियन संसद के उप-राष्ट्रपति ने भी आतंकवाद के मसले पर भारत के साथ खड़े होने की बात कही थी। यूरोपियन संसद के उप राष्ट्रपति ने कहा था कि पाकिस्तान की तरफ से पनप रहे आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत वैश्विक समर्थन का हकदार है।
अगर ऐसा नहीं किया गया तो जल्द ही यूरोप और पश्चिम भी हमले के शिकार होने लगेंगे। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि यूरोपीय यूनियन पाकिस्तान पर उसकी जमीन पर पनप रहे आतंकवाद के खात्मे का दबाव बनाए। कई बड़ी विश्व शक्तियां भारत के समर्थ में पहले से ही हैं।