Om Birla: 'भारत हमेशा बहुपक्षवाद का मजबूत समर्थक रहा', जेनेवा में आईपीयू की 149वीं असेंबली में बोले ओम बिरला
ओम बिरला ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में संसदों के बीच संवाद और सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा पर बोलते हुए, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संकल्पित 'एक सूर्य, एक दुनिया, एक ग्रिड' के विचार का उल्लेख किया।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को जेनेवा में अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) की 149वीं असेंबली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से बहुपक्षवाद का मजबूत समर्थक रहा है। उन्होंने तकनीकी प्रगति के फल को समान रूप से साझा करने का आह्वान किया।
बिरला ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में संसदों के बीच संवाद और सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा पर बोलते हुए, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संकल्पित 'एक सूर्य, एक दुनिया, एक ग्रिड' के विचार का उल्लेख किया।
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 203 गीगावाट पहुंची
ओम बिरला ने कहा, पिछले 10 वर्षों में, भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 76 गीगावाट से बढ़कर 203 गीगावाट हो गई है। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, इंटरनेशनल सोलर अलायंस और बायोफ्यूल अलायंस जैसी पहलों का उल्लेख किया, जो जलवायु परिवर्तन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि संसद में जलवायु परिवर्तन और स्थायी विकास लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा हुई है। नई संसद भवन के निर्माण में हरित प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया गया है, जो भारत की हरित ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप हब बना भारत
बिरला ने कहा कि भारत ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर विशेष बल दिया है। स्टार्ट-अप इंडिया कार्यक्रम के तहत नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, भारत 118 यूनिकॉर्न्स के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप हब बन गया है, जिसका मूल्य 355 अरब डॉलर से अधिक है।
उन्होंने कहा कि भारत ने सार्वजनिक सेवाओं के वितरण में तकनीक का अभूतपूर्व उपयोग किया है। उन्होंने बताया कि जेएएम ट्रिनिटी के माध्यम से वित्तीय सेवाओं का डिजिटलीकरण और वित्तीय समावेश ने लोगों की मदद की है।
अंतर-संसदीय संघ सभा में शामिल हैं ये देश
बता दें कि अंतर-संसदीय संघ सभा (आईपीयूए) में 180 सदस्य संसद और 15 सहयोगी सदस्य हैं। इसके सदस्यों में चीन, भारत, इंडोनेशिया, काबो वर्डे, सैन मैरिनो और पलाऊ जैसे देशों के सांसद शामिल हैं।
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