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बिहार: महागठबंधन में थमा सीटों को लेकर चल रहा बवाल, राजद 20 सीटों पर ठोकेगी ताल !
Sat, 02 Feb 2019 11:40 AM IST
Shani Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Shani Mishra
Updated Sat, 02 Feb 2019 11:40 AM IST
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Mahagathbandhan
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बिहार में रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली को लेकर गहमागहमी तेज है। 28 साल बाद पटना के गांधी मैदान में हो रही कांग्रेस की इस रैली को लोकसभा चुनाव से पहले महागठबंधन का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। मगर इन सब के बीच महागठबंधन में सीटों को लेकर चल रही तकरार थम गई है। सभी घटक दलों के बीच सीटों का एडजस्टमेंट फाइनल हो गया है। कुल 40 लोकसभा सीटों में से 20 पर राजद और 10 पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी। बाकी बची 10 सीटों का बंटवारा दल के वोटबैंक और सीट जीत पाने की ताकत के अनुसार होगा।
माना जा रहा है कि सीटों के बंटवारे की औपचारिक घोषणा तीन फरवरी को राहुल गांधी रैली में हो सकती है।
एक चुनाव चिन्ह पर लड़ेंगे कुशवाहा और शरद के समर्थक
एनडीए का दामन छोड़कर महागठबंधन में आए उपेंद्र कुशवाहा और शरद यादव की पार्टी के उम्मीदवार एक ही झंडे और चुनाव चिन्ह पर लड़ सकते हैं। सीट बंटवारे के अनुसार कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) को तीन और शरद यादव की लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) को दो सीटें मिली है। इसके अलावा जीतनराम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर (हम से) के खाते में दो और वाम दलों को दो सीटें मिलती दिख रही हैं। वाम दल कम से 3-4 सीट पर चुनाव लड़ना चाहते है। अगर इनकी मांग पूरी हुई तो हम और लोजद की एक-एक सीटें कम कर दी जाएंगी।
ऐसे में हम से सिर्फ जीतन राम मांझी और लोजद से सिर्फ शरद यादव ही चुनाव लड़ पाएंगे। महागठबंधन में कांग्रेस, राजद, रालोसपा, हम (से), लोजद, वीआईपी और वाम दल (सीपीआई और माले) हैं।
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नए फॉर्मूले के तहत रालोसपा के उम्मीदवार काराकाट, मोतिहारी सीटों पर और लोजद के उम्मीदवार मधेपुरा से लड़ेंगे। दोनों पार्टियों के बीच सीतामढ़ी की सीट को लेकर पेंच फंसा हुआ है। यहां से रालोसपा के सांसद राम कुमार शर्मा और शरद यादव के समर्थक अर्जुन राय लड़ना चाहते हैं।
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माना जा रहा है कि सीटों के बंटवारे की औपचारिक घोषणा तीन फरवरी को राहुल गांधी रैली में हो सकती है।
एक चुनाव चिन्ह पर लड़ेंगे कुशवाहा और शरद के समर्थक
एनडीए का दामन छोड़कर महागठबंधन में आए उपेंद्र कुशवाहा और शरद यादव की पार्टी के उम्मीदवार एक ही झंडे और चुनाव चिन्ह पर लड़ सकते हैं। सीट बंटवारे के अनुसार कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) को तीन और शरद यादव की लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) को दो सीटें मिली है। इसके अलावा जीतनराम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर (हम से) के खाते में दो और वाम दलों को दो सीटें मिलती दिख रही हैं। वाम दल कम से 3-4 सीट पर चुनाव लड़ना चाहते है। अगर इनकी मांग पूरी हुई तो हम और लोजद की एक-एक सीटें कम कर दी जाएंगी।
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ऐसे में हम से सिर्फ जीतन राम मांझी और लोजद से सिर्फ शरद यादव ही चुनाव लड़ पाएंगे। महागठबंधन में कांग्रेस, राजद, रालोसपा, हम (से), लोजद, वीआईपी और वाम दल (सीपीआई और माले) हैं।
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नए फॉर्मूले के तहत रालोसपा के उम्मीदवार काराकाट, मोतिहारी सीटों पर और लोजद के उम्मीदवार मधेपुरा से लड़ेंगे। दोनों पार्टियों के बीच सीतामढ़ी की सीट को लेकर पेंच फंसा हुआ है। यहां से रालोसपा के सांसद राम कुमार शर्मा और शरद यादव के समर्थक अर्जुन राय लड़ना चाहते हैं।
दरभंगा से लड़ेंगे सन ऑफ मल्लाह
सबसे दिलचस्प बात यह है कि गया सीट को लेकर को तो हम (से) भीतर ही मंथन जारी है। जीतनराम मांझी खुद इस सीट से लड़ना चाहते हैं वहीं वृशिण पटेल और महाचंद्र प्रसाद सिंह से लड़ने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। महाचंद्र को महाराजगंज या वृशिण पटेल को मुंगेर से प्रत्याशी बनाया जा सकता है। महागठबंधन से हम (से) को दो सीटें मिल सकती हैं। ऐसे में किसे मौका मिलता है इसपर अभी भी सस्पेंस है।
वीआईपी अध्यक्ष सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी को भी दो सीटें मिल सकती हैं। वह खुद के लिए दरभंगा और अपने सहयोगी के लिए खगड़िया सीट चाहते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उनकी मांगे मान ली जाएंगी।
खबरों की मानें तो कांग्रेस से बढ़ती नजदीकिओं के कारण जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी के देवेंद्र यादव को भी चुनाव में मौका मिल सकता है।
वीआईपी अध्यक्ष सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी को भी दो सीटें मिल सकती हैं। वह खुद के लिए दरभंगा और अपने सहयोगी के लिए खगड़िया सीट चाहते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उनकी मांगे मान ली जाएंगी।
खबरों की मानें तो कांग्रेस से बढ़ती नजदीकिओं के कारण जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी के देवेंद्र यादव को भी चुनाव में मौका मिल सकता है।