समय से पहले नहीं हो सकता आम चुनाव 2019, आरटीआई से हुआ खुलासा
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साल 2019 का आम चुनाव समय से पहले कराने की तमाम अटकलों को लगभग विराम लगाते हुए यह खबर आई है कि ऐसा हो पाना मुमकिन नहीं है। इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि चुनाव के लिए वीवीपैट (VVPAT) समय पर उपलब्ध नहीं हो सकेगा। राजनीतिक हलकों में ऐसी चर्चाएं थी और कई दलों के नेता अपने कार्यकर्ताओं को समय से पहले लोकसभा चुनाव होने की स्थिति में कमर कसने का संदेश दे रहे थे। लेकिन अब लग रहा है कि चुनाव समय से पहले कराना मुश्किल है और वह तय समय पर ही होंगे।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक उन्होंने यह जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत हासिल की है। चुनाव आयोग ने पिछले साल सितंबर में दो कंपनियों को VVPAT, बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट तैयार करने को कहा था। इस ऑर्डर की डिलीवरी इसी साल सितंबर तक होनी थी, लेकिन ये कंपनियां इस समय में इस ऑर्डर को तैयार कर पाने में फेल हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक 19 जून तक सिर्फ 22 फीसदी VVPAT की ही आपूर्ति की गई है। ऐसी स्थिति में बाकी बचे VVPAT की डिलीवरी में देरी होना निश्चित है। और मौजूदा परिस्थितियों में समय से पहले चुनाव कराना असंभव लग रहा है।
गौरतलब है कि VVPAT (वीवीपैट) (वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) मशीन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से जुड़ी होती हैं। VVPAT में एक मतदाता द्वारा वोट डालने के बाद उम्मीदवार का नाम और जिस पार्टी के पक्ष में उसने वोट डाला है उसके चुनाव चिह्न की पर्ची आती है।
VVPAT मामले में अब तक क्या हुआ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्वीकार किया है कि VVPAT और ईवीएम की डिलीवरी में देरी हुई है। लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि नवंबर तक बाकी बचे VVPAT मशीनें मिल जाएंगी। उन्होंने कहा कि डिलीवरी में केवल डेढ़ महीने की देरी होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि दो कंपनियों को आपूर्ति के लिए ऑर्डर दिया गया था। इनमें से एक कंपनी सात नवंबर और दूसरी कंपनी 15 नवंबर तक मशीनों की आपूर्ति कर देगी।
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने कहा था कि निर्वाचन आयोग को सितंबर 2018 तक 40 लाख VVPAT मशीनें और ईवीएम मिले जाएंगी, जिनका इस्तेमाल 2019 के आम चुनावों में होगा। केंद्र सरकार ने निर्वाचन आयोग को 40 लाख मशीनें खरीदने के लिए पांच हजार करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। उन्होंने कहा था, "2019 के चुनावों के लिए हमें 23 लाख से ज्यादा ईवीएम और 16 लाख वीवीपैट मशीनों की जरूरत है।"
VVPAT मामले में अब तक क्या हुआ
| 19 अप्रैल 2017 | 2019 चुनावों के लिए 16.15 लाख VVPAT मशीन खरीद के लिए स्वीकृति |
| 24 अप्रैल 2017 | सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने कहा- BEL, ECIL सितंबर 2018 तक डिलीवर करेगा |
| 6 सितंबर 2017 | BEL, ECIL के साथ चुनाव आयोग की समीक्षा बैठक |
| 19 सितंबर 2017 | चुनाव आयोग ने ECIL का आधा ऑर्डर BEL को दिया |
| 8 दिसंबर 2017 | चुनाव आयोग ने रक्षा मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग से समय पर काम पूरा न होने की आशंका जताई |
| 18 दिसंबर 2017 | चुनाव आयोग से अधिकारियों ने कहा- स्थिति से और बेहतर निपटा जा सकता था |
| 31 मार्च 2018 | ECIL लक्ष्य से चूका, बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट की डिलीवरी नहीं |
| 31 मार्च 2018 | केवल 53,500 VVPAT की डिलीवरी हुई |
| 31 मार्च 2018 | BEL ने 1.4 लाख बैलेट यूनिट, 1.4 लाख कंट्रोल यूनिट, 2.24 लाख VVPAT की डिलीवरी दी |
| 17 अप्रैल 2018 | समीक्षा बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा- ECIL के प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ |
| 5 जून 2018 | चुनाव आयोग की BEL, ECIL के साथ समीक्षा बैठक, नाखुशी जताई |