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बंद नहीं हो रहा है गीता प्रेस, उड़ी अफवाह तो सामने आया प्रबंधन
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 03 Feb 2017 02:49 PM IST
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सोशल मीडिया पर गीता प्रेस के बंद होने की अफवाह फैलाकर चंदा मांगने वालों के प्रति प्रेस प्रबंधन ने आगाह किया है। ट्रस्टी ईश्वर प्रसाद पटवारी ने ऐसी सूचनाओं को भ्रामक बताते हुए लोगों से किसी भी तरह से आर्थिक सहयोग न करने की अपील की है।
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प्रेस विज्ञप्ति के जरिए उन्होंने कहा कि गीता प्रेस में कोई आर्थिक संकट नहीं है। संस्थान सुचारू तरीके से कार्य कर रहा है। भारत में संस्थान के 20 विक्रय केंद्र कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त स्टेशन स्टालों की लंबी शृंखला भी है। इसी माह से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एवं रायगढ़ स्टेशनों पर नए बुक स्टॉल खोले जा रहे हैं।
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संस्थान बिना किसी आर्थिक बाधा के प्रगति कर रहा है। गीता प्रेस ने कभी भी आर्थिक सहायता नहीं मांगी है और न ही यह स्वीकार की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति गीता प्रेस के नाम पर धन संग्रह करता है तो वह ठगी कर रहा है। उन्होंने आगाह किया कि लोग ठगों के चक्रव्यूह से बचें और गीता प्रेस के नाम पर किसी तरह की आर्थिक सहायता न दें।
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कई बार उड़ चुकी है गीता प्रेस के बंद होने की अफवाह
बता दें कि धार्मिक पुस्तकों का प्रकाशन करने वाली गीता प्रेस को लेकर कई बार इस तरह की अफवाह उड़ी चुकी है कि कंपनी जल्द ही बंद होने वाली है। खासकर सोशल मीडिया पर तो इसको लेकर लगातार अफवाहों का दौर चलता रहता है।
इस बार भी गीता प्रेस के बंद होने की अफवाह ने सोशल मीडिया पर ही रफ्तार पकड़ी थी जिसके बाद इसके नाम पर चंदा उगाहने का खेल भी शुरू हो गया है। हालांकि जल्द ही यह खेल पकड़ में आ गया।
ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए गीता प्रेस प्रबंधन ने भी समय रहते अपना पक्ष सबके सामने रखकर लोगों की उलझन को दूर करने का प्रयास किया।
इस बार भी गीता प्रेस के बंद होने की अफवाह ने सोशल मीडिया पर ही रफ्तार पकड़ी थी जिसके बाद इसके नाम पर चंदा उगाहने का खेल भी शुरू हो गया है। हालांकि जल्द ही यह खेल पकड़ में आ गया।
ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए गीता प्रेस प्रबंधन ने भी समय रहते अपना पक्ष सबके सामने रखकर लोगों की उलझन को दूर करने का प्रयास किया।