NIA की रिपोर्ट में खुलासा: गिलानी परिवार के पास है 150 करोड़ से ज्यादा की 14 प्रॉपर्टी
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एनआईए इन दिनों कश्मीर में हुर्रियत नेताओं की पाकिस्तान से फंडिंग पर नकेल लगाने की तैयारी कर रही है। बीते दिनों एनआईए ने सात हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तान से फंडिंग और इस फंडिंग का आतंकियों की मदद में इस्तेमाल करने के मामले में हिरासत में लिया।
अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू कश्मीर में हुर्रियत नेताओं पर एनआईए की छापेमारी के बाद टीम ने सैयद अली शाह गिलानी और उनके परिवार के लोगों से जुड़ी 14 संपत्तियों को चिह्नित किया है, जिसकी कीमत 100 करोड़ से 150 करोड़ रुपये के बीच है।
एनआईए की इस लिस्ट में वह संपत्तियां शामिल है जो हवाला से और बेनामी लेनदेन के जरिए खरीदी गई हैं। इस लिस्ट में शिक्षा संस्थान, आवास और कश्मीर में खेती की जमीन शामिल है। इसके साथ-साथ इस लिस्ट में दिल्ली में भी कई संपत्तियां शामिल है। जो उनके बेटों और बेटियों के नाम हैं।
अलगाववादियों के खिलाफ, पत्थरबाजों से बातचीत के मिले सबूत
गौरतलब है कि कश्मीर में हिंसा फैलाने, पाकिस्तान से फंडिंग, पत्थरबाजों के लिए भीड़ को उकसाना और पैसे देने जैसे कई मामलों के आरोप में एनआईए ने बीते सोमवार को सात अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया। एनआईए ने जांच में अलगाववादी नेताओं और जम्मू-कश्मीर के युवाओं की बातचीत के कई ऐसे इलेक्टॉनिक सबूत भी इकट्ठा किए हैं, जिनमें अलगाववादी नेता भीड़ को पत्थरबाजी के लिए कह रहे हैं।
टेलीफोन पर हुई बातचीत में पता चलता है कि पत्थरबाज लोकल और मध्यम स्तर के हुर्रियत नेताओं के संपर्क में रहते थे। जो बड़े अलगाववादी नेताओं के संपर्क में हैं। एनआईए ने इस जांच में एक बड़े आतंकी फंडिग का भी खुलासा किया है। जिसमें अलागववादी नेता लोकल नेताओं को फंड देते थे, जो इस फंड को पत्थरबाजों तक पहुंचाते थे।
साथ ही एनआईए ने कई सारे फोन नंबर की लोकेशन भी ट्रैक की, जिससे पता चलता है कि आतंकियों से मुठभेड़ से दौरान ये लोग सेना के जवानों के लिए समस्या पैदा करते थे। गौरतलब है कि कश्मीर में उपद्रव और हिंसा फैलाने, पाकिस्तान से फंडिंग के मामले में एनआईए ने सात अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी नेताओं को दिल्ली कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बता दें कि कश्मीर में हिंसा के लिए हवाला के जरिए फंडिंग, आतंकी संगठनों से कनेक्शन और मनी लॉंड्रिग से जुड़े मामलों मे शामिल होने के शक के आधार पर एनआईए ने अलगाववादी नेताओं के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।
इस छापेमारी में एनआईए को आतंकी संगठनों के लेटरहेड समेत कई अन्य महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे।