गुजरात के बाद आंध्र में 'गौरक्षकों' का कहर, गाय की चमड़ी उतारते दलितों को किया अधमरा
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आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले में 'गौ-रक्षकों' की भीड़ द्वारा मरी हुई गाय की खाल उतारने के कारण दो दलितों की पिटाई का मामला सामने आया है। यह घटना अमलापुरम के जमानकिपेटा की है।
पुलिस के अनुसार गाय की करंट लगने से मौत के बाद दफनाने से पहले इसके मालिक और किसान दो दलित भाइयों के साथ मिलकर उसकी खाल उतार रहे थे। गाय की खाल उतारने का मामला पता चलते ही कुछ कथित गौ-रक्षक मौके पर पहुंच गए और उन्होंने दोनों भाईयों को पीट पीटकर अधमरा कर दिया। पीड़ितों की पहचान मोकाती एलीशा और लेजर के रूप में हुई है, गौ-रक्षकों को शक था कि दोनों ने गाय को मारा है।
पिटाई के बाद दोनों भाईयों को अमलापुरम अस्पताल ले जाया गया है। एलीशा की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। पुलिस अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि कुछ लोगों के खिलाफ एस/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। अभी तक पिटाई करने वालों की पहचना नहीं हो पाई है। हम जांच कर रहे हैं और संदिग्धों के खिलाफ सुराग इकट्ठा कर रहे हैं।
दलित भाईयों पर अत्याचार बंद करो
पिछले महीने गुजरात के उना में मरी हुई गाय की चमड़ी उतारने पर गौ-रक्षकों द्वारा दलितों की बांध कर पिटाई की घटना का पूरे देश में विरोध हुआ था। हाल ही प्रधानमंत्री मोदी ने भी सावर्जनिक रूप से गौ-रक्षकों द्वारा की गई पिटाई की निंदा की थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में गौ-रक्षकों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि 80 प्रतिशत गौ-रक्षक रात में गोरखधंधा करते हैं। मुझे ऐसे लोगों पर बहुत गुस्सा आता है। इतना ही नहीं, अगले दिन तेलंगाना में एक सभा में मोदी ने कहा कि,'अगर हमला करना है तो मेरे ऊपर करो, लेकिन मेरे दलित भाईयों पर अत्याचार करना बंद करो।'