दिल्ली में लगेगा पीओके के नागरिकों का जमावड़ा
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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आक्रामक रुख के बाद कई संस्थाएं भी पाकिस्तान को बेनकाब करने की मुहिम में जुट गई हैं। इस कड़ी में वसुधैव कुटंबकम फाउंडेशन और वी द सिटिजन संस्था कश्मीर समस्या पर गोलमेज सम्मेलन का आयोजन करने वाली है।
अगले महीने 7 और 8 तारीख को होने वाले इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में पीओके के नागरिकों को बुलाया जा रहा है। सम्मेलन के दूसरे दिन पीओके के नागरिक वहां हो रहे अत्याचार सहित अन्य मामलों पर अपने अनुभव साझा करेंगे।
दो दिवसीय गोलमेज सम्मेलन में मोदी सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ पत्रकार और सुरक्षा सहित कश्मीर मामलों के जाने माने विशेषज्ञ भी हिस्सा लेंगे।
पीओके की कई हस्तियां भी होंगी शरीक
कार्यक्रम के संयोजक सतीश रघुवंशी ने कहा कि बीते करीब सात दशक से कश्मीर समस्या के समाधान के लिए कोई भी राजनीतिक या वार्ता की पहल पहलें कामयाब नहीं हो रही है।
संविधान का अनुच्छेद 35 (ए) समाधान न होने की असल वजह है। इसी अनुच्छेद ने कश्मीर में अलगाववाद को जन्म दिया है। यही कारण है कि दोनों संस्थाओं ने कश्मीर समस्या के समाधान पर बातचीत के लिए गोलमेज सम्मेलन का आयोजन करने का फैसला किया है।
इसमें कई केंद्रीय मंत्रियों, विशेषज्ञों और पत्रकारों के अलावा पीओके की कई हस्तियां भी शरीक होंगी।