G20: FTA को रफ्तार देंगे भारत-यूके, कनेक्टिविटी में सहयोग बढ़ाएगा जापान; द्विपक्षीय वार्ताओं ने जगाईं उम्मीदें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जी-20 सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सदस्य देशों के नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता में कई नए रास्ते बनते दिख रहे हैं। ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक के साथ पीएम मोदी की बातचीत काफी महत्वपूर्ण रही। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार संबंध और निवेश बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। लेकिन इस दौरान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अमलीजामा पहनाने के प्रयास तेज करने पर बनी सहमति को बेहद अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और सुनक की बैठक के बाद ब्रिटिश पीएम के कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान में बताया गया कि दोनों नेताओं ने एफटीए के प्रयासों में तेजी लाने पर सहमति जताई। दोनों देश 2022 से ही एफएटी पर बात कर रहे हैं। इस पर 12 दौर की बातचीत हो चुकी है और 13वें दौर की वार्ता इस सितंबर में होनी है। बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री सुनक ने ऐतिहासिक व्यापार समझौता की ब्रिटेन की महत्वाकांक्षा दोहराई, जिससे दोनों देशों में व्यवसायों और श्रमिकों को लाभ होगा। साथ ही वस्तुओं और सेवाओं दोनों में हमारा व्यापार बढ़ेगा। उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि मंत्री और वार्ता दल इस दिशा में तेजी से काम करना जारी रखेंगे।
बयान में आगे यह भी कहा गया कि दोनों नेताओं ने रक्षा प्रौद्योगिकी, नवाचार, वाणिज्य दूतावास संबंधी कुछ मुद्दों और अन्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। वही, सुनक के साथ मुलाकात के बाद जारी एक एक्स पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 से इतर सुनक के साथ द्विपक्षीय बैठक को एक शानदार अनुभव बताया। उन्होंने बताया, इस दौरान हमने व्यापार संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ निवेश बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि समृद्ध और टिकाऊ पृथ्वी के लिए दोनों देश मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
सुनक ने समझौते की उम्मीद जताई
मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सुनक ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि दोनों देशों के बीच यह समझौता आकार लेगा। हालांकि, एक दिन पहले ही दिया अपना यह बयान भी फिर दोहराया कि भारत और ब्रिटेन को एफटीए के लिए अभी कड़ी मेहनत करनी होगी। ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक ने कहा कि दो राष्ट्र, एक महत्वाकांक्षा! ये महत्वाकांक्षाएं हमारे साझा मूल्यों, हमारे लोगों के बीच संबंधों और निश्चित तौर पर क्रिकेट के प्रति हमारे जुनून में निहित हैं।
वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में बताया गया कि दोनों नेताओं ने समझौते के लिए जारी बातचीत की प्रगति की समीक्षा की और उम्मीद जताई कि शेष मुद्दों को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा। ताकि एक संतुलित, पारस्परिक लाभप्रद और दूरगामी नतीजों वाला समझौता जल्द संपन्न हो सके।
मई में भी हुई थी चर्चा
इस साल मई में हिरोशिमा में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी जब दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी, तो उन्होंने नवाचार और विज्ञान, के अलावा भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर भी चर्चा की थी।
वाणिज्य में भी सहयोग बढ़ाने पर भारत और जापान सहमत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष फूमियो किशिदा के बीच द्विपक्षीय बातचीत के दौरान दोनों देशों ने कनेक्टिविटी, वाणिज्य और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की मंशा जताई। इससे पहले, हिरोशिमा में आयोजित जी-7 बैठक के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी। बैठक के बाद एक्स पर जारी की गई एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पीएम किशिदा के साथ सार्थक बातचीत हुई। हमने भारत-जापान द्विपक्षीय संबंधों और भारत की जी-20 अध्यक्षता और जापान की जी-7 अध्यक्षता के दौरान तैयार हुई जमीन पर चर्चा की। हम कनेक्टिविटी, वाणिज्य और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।
इटली की प्रधानमंत्री से भी मिले मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने दिल्ली में G 20 शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने वाणिज्य, व्यापार, रक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। मेलनी से मुलाकात के प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर जारी पोस्ट में बताया कि दोनों देशों व्यापार, रक्षा और नई प्रौद्योगिकी जैसे कई अहम क्षेत्रों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत और इटली वैश्विक समृद्धि के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे। मेलनी इससे पहले मार्च में भारत आई थीं, तब भी उनकी प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक हुई थी।