जी-20 सम्मेलन: पीएम मोदी कोरोना के खिलाफ युद्ध को वैश्विक लड़ाई में बदलने का करेंगे आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 मार्च को होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही लड़ाई को वैश्विक लड़ाई में बदलना चाहते है, जहां प्रतिभागी देश अपने चिकित्सा ज्ञान और संसाधनों में तालमेल की मदद से वायरस के प्रसार को रोकने में मदद कर सकें। इस बैठक के जुड़े लोगों ने इस बात की जानकारी दी है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वर्तमान में चीन की अध्यक्षता में 15 सदस्यीय समिति तक सीमित होने के बजाय, जी-20 में 46 देशों (यदि यूरोपीय संघ को अलग-अलग संस्थाओं में विभाजित किया गया है) वाला एक प्रतिनिधि निकाय है, इसमें शामिल लगभग सभी देशों में इस वायरस ने कहर बरपाया हुआ है।
जी-20 बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के लिए सबसे खराब स्थिति में अपनी चिकित्सा क्षमता को बढ़ाने के लिए होगा और वायरस के प्रसार को रोकने एवं उसके इलाज के लिए वैज्ञानिक प्रयास करना होगा।
हालांकि पीएम मोदी ने मंगलवार शाम को 21 दिनों के ऐतिहासिक राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की, लेकिन उन्होंने 18 मार्च को उत्तर-दक्षिण गलियारे पर लंबी दूरी की ट्रेनों को रोककर इसके लिए पहला निर्णायक कदम उठाया।
जी-20 के शीर्ष नेताओं के वीडियो कांफ्रेन्सिंग प्रधानमंत्री मोदी होंगे शामिल
गौरतलब हो कि सऊदी अरब के सुलतान सलमान बिन अब्दुल अजीज अल साऊद जी-20 देशों के आपातकालीन शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। यह सम्मेलन गुरुवार को वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिए होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के अन्य शीर्ष नेता इसमें शामिल होंगे।
फिलहाल जी-20 की अध्यक्षता कर रहे सऊदी अरब ने पिछले सप्ताह वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिए जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित करने का आह्वान किया। उसने यह आह्वान ऐसे समय किया है इस वैश्विक संकट से निपटने को लेकर समूह की बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों तेजी से कदम नहीं उठाए जाने को लेकर आलोचना हो रही है।
बुधवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार कि जी-20 के अध्यक्ष सऊदी अरब ने 26 मार्च गुरुवार को समूह की वीडियो कांफ्रन्सिंग के जरिए असाधारण बैठक बुलाई है। सुलतान सलमान बिन अब्दुल अजीज अल साऊद बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक कोरोना वायरस महामारी और उसके मानवीय और आर्थिक प्रभाव से निपेटने को लेकर समन्वित उपायों पर विचार करेगा।
इटली, स्पेन, जार्डन, सिंगापुर और स्विट्जरलैंड जैसे जी-20 में शामिल कोरोना वायरस से प्रभावित देशों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे। संयुक्त राष्ट्र, विश्वबैंक, विश्व स्वास्थ्य संगठन, विश्व वपार संगठन, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन जैसे शीर्ष अंतरराष्ट्रीय संगठन भी इसमें शामिल होंगे।
बैठक में आसियान (दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन), अफ्रीकी संघ, खाड़ी सहयोग परिषद और अफ्रीका के विकास के लिए नई भागीदारी (एनईपीएडी) जैसे क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
जी-20 में भारत के अलावा, अर्जेन्टीना, आस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, जर्मनी, फ्रांस, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन भी इसमें शामिल होंगे।