{"_id":"5b795ead42c792466d281986","slug":"fssai-will-increase-staff-to-crack-on-adulterants-approval-of-500-posts-from-the-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मिलावटखोरों की खैर नहीं, सरकार से मंजूरी के बाद एफएसएसएआई बढ़ाएगा स्टाफ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अब मिलावटखोरों की खैर नहीं, सरकार से मंजूरी के बाद एफएसएसएआई बढ़ाएगा स्टाफ
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 19 Aug 2018 05:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगामी त्यौहारी सीजन में मिलावटखोरों से निबटने के लिए एफएसएसएआई ने कमर कसनी शुरू कर दी है। स्टाफ की कमी से जूझ रहे एफएसएसएआई की टीम में जल्द ही 500 और कर्मी शामिल होने वाले हैं। साथ ही, एफएसएसएआई मुंबई और चेन्नई में दो बड़ी खाद्य प्रयोगशालाएं बनाने की भी योजना बना रहा है।
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के सीईओ पवन अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने हाल ही में तकरीबन 493 अतिरिक्त पदों को मंजूरी दी है। फिलहाल एफएसएसएआई में अभी 356 ही स्वीकृत हैं, जिनमें से अधिकांश स्टाफ शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रेक्ट या डेपुटेशन पर हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्टाफ में बढ़ोतरी से देश की खाद्य सुरक्षा प्रणाली को प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में मदद मिलेगी और सभी नागरिकों को सुरक्षित और पोषित भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण का गठऩ किया गया था। प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक मंजूरी मिले नए पदों में ज्यादातर तकनीकी क्षेत्र से जुड़ी हुए हैं। इनमें से 255 पद तकनीकी अधिकारियों और 60 पद सहायक तकनीकी निदेशक के हैं। इसके अलावा केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के 74 पद हैं। इसके साथ ही, पदों की सख्या बढ़ने से एफएसएसएआई अब राज्यों पर निर्भर रहने की बजाय सीधे ही खाद्य सुरक्षा निरीक्षण और प्रवर्तन की कार्रवाई कर सकेगा।
विज्ञापन
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक एफएसएसएआई में स्टाफ की संख्या दोगुनी करने के पीछे सीएजी की रिपोर्ट को माना जा रहा है। सीएजी ने पिछले साल दिसंबर में संसद के पटल पर एफएसएसएआई से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें उसने देश की स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए प्राधिकरण में कर्मियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि अमेरिकी में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी दो एजेंसियों यूएसडीए और एफडीए में 14,200 कर्मियों का स्टाफ है, जबकि कनाडा में खाद्य सुरक्षा निरीक्षण सेवाओं में 4 हजार से ज्यादा कर्मी काम कर रहे हैं।
एफएसएसएआई का हेड क्वॉर्टर नई दिल्ली में हैं और 5 शहरों मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता और गुवाहटी में क्षेत्रीय कार्यालय हैं। साथ ही विदेश से आने वाले खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने के लिए 20 बंदरगाहों पर भी ऑफिस बनाए गए हैं। प्राधिकरण के एक अफसर के मुताबिक एफएसएसएआई चेन्नई और मुंबई में भी बड़ी खाद्य प्रयोगशाला का भी निर्माण कर रहा है। इससे पहले प्राधिकरण की केवल गाजियाबाद और कोलकाता में ही बड़ी प्रयोगशालाएं हैं, जबकि सनौली और नेपाल सीमा के पास रक्सौल में छोटी प्रयोगशालाएं स्थित हैं। इसके अलावा एफएसएसएआई से मान्यता प्राप्त देशभर में 250 से अधिक खाद्य प्रयोगशालाएं भी कार्यरत हैं।
विज्ञापन
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के सीईओ पवन अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने हाल ही में तकरीबन 493 अतिरिक्त पदों को मंजूरी दी है। फिलहाल एफएसएसएआई में अभी 356 ही स्वीकृत हैं, जिनमें से अधिकांश स्टाफ शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रेक्ट या डेपुटेशन पर हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्टाफ में बढ़ोतरी से देश की खाद्य सुरक्षा प्रणाली को प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में मदद मिलेगी और सभी नागरिकों को सुरक्षित और पोषित भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण का गठऩ किया गया था। प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक मंजूरी मिले नए पदों में ज्यादातर तकनीकी क्षेत्र से जुड़ी हुए हैं। इनमें से 255 पद तकनीकी अधिकारियों और 60 पद सहायक तकनीकी निदेशक के हैं। इसके अलावा केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के 74 पद हैं। इसके साथ ही, पदों की सख्या बढ़ने से एफएसएसएआई अब राज्यों पर निर्भर रहने की बजाय सीधे ही खाद्य सुरक्षा निरीक्षण और प्रवर्तन की कार्रवाई कर सकेगा।
विज्ञापन
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक एफएसएसएआई में स्टाफ की संख्या दोगुनी करने के पीछे सीएजी की रिपोर्ट को माना जा रहा है। सीएजी ने पिछले साल दिसंबर में संसद के पटल पर एफएसएसएआई से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें उसने देश की स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए प्राधिकरण में कर्मियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि अमेरिकी में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी दो एजेंसियों यूएसडीए और एफडीए में 14,200 कर्मियों का स्टाफ है, जबकि कनाडा में खाद्य सुरक्षा निरीक्षण सेवाओं में 4 हजार से ज्यादा कर्मी काम कर रहे हैं।
एफएसएसएआई का हेड क्वॉर्टर नई दिल्ली में हैं और 5 शहरों मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता और गुवाहटी में क्षेत्रीय कार्यालय हैं। साथ ही विदेश से आने वाले खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने के लिए 20 बंदरगाहों पर भी ऑफिस बनाए गए हैं। प्राधिकरण के एक अफसर के मुताबिक एफएसएसएआई चेन्नई और मुंबई में भी बड़ी खाद्य प्रयोगशाला का भी निर्माण कर रहा है। इससे पहले प्राधिकरण की केवल गाजियाबाद और कोलकाता में ही बड़ी प्रयोगशालाएं हैं, जबकि सनौली और नेपाल सीमा के पास रक्सौल में छोटी प्रयोगशालाएं स्थित हैं। इसके अलावा एफएसएसएआई से मान्यता प्राप्त देशभर में 250 से अधिक खाद्य प्रयोगशालाएं भी कार्यरत हैं।