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तमिलनाडु के प्रमुख मंदिरों के प्रसाद को मिलेगा एफएसएसएआई का टैग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 14 Jul 2018 12:14 PM IST
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तमिलनाडु में हिंदू धार्मिक और परोपकारी धमार्थ विभाग द्वारा संचालित 47 बड़े मंदिरों को उनके प्रसादम के लिए भारत के खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का प्रमाणपत्र मिलेगा। इस कवायद का मकसद प्रसाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और मानकीकरण करना है। शुरुआत श्री पलानी मुरुगन मंदिर के पंचामृतम (केला, घी, शहद, चीनी और खजूर से बने प्रसाद) से की जा रही है।
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एक अधिकारी ने बताया, ‘पलानी मुरुगन मंदिर हमारी पायलट परियोजना है। हमने अन्य 46 मंदिरों में एफएसएसएआई प्रमाणन की प्रक्रिया शुरू की है. मुरुगन मंदिर के पंचामृतम प्रसादम पर अब एफएसएसएआई का लाइसेंस नंबर, कीमत, वजन और उपयोग की आखिरी तारीख दर्ज है।
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इस पहल की वजह के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि गुणवत्ता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। कुछ निजी मंदिरों में प्रसाद खाकर भक्तों के बीमार होने की घटनाओं पर हमारा ध्यान गया और हमने लाइसेंस लेने का फैसला किया।
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