{"_id":"63bfe86bb5966c11f52bba30","slug":"fssai-notifies-comprehensive-regulatory-standards-for-basmati-rice-first-time-in-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"FSSAI: भारत में पहली बार बासमती चावल के लिए तय किए गए मानक, अब प्राकृतिक सुगंध होगी असली पहचान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
FSSAI: भारत में पहली बार बासमती चावल के लिए तय किए गए मानक, अब प्राकृतिक सुगंध होगी असली पहचान
Thu, 12 Jan 2023 04:31 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Thu, 12 Jan 2023 04:31 PM IST
सार
Regulatory Standards for Basmati Rice: नए नियामक मानकों के अनुसार, बासमती चावल की प्राकृतिक सुगंध असली पहचान होगी और कृत्रिम रंग, पॉलिशिंग एजेंट और कृत्रिम सुगंधों से मुक्त होने चाहिए।
विज्ञापन
kashmiri basmati rice
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भारत में पहली बार बासमती चावल के लिए व्यापक नियामक मानकों को अधिसूचित किया है, जो एक अगस्त 2023 से लागू होंगे। नए मानकों के अनुसार, बासमती चावल की प्राकृतिक सुगंध असली पहचान होगी और कृत्रिम रंग, पॉलिशिंग एजेंट और कृत्रिम सुगंधों से मुक्त होने चाहिए। भारत सरकार ने एक बयान में यह जानकारी दी। मानकों का उद्देश्य बासमती चावल के व्यापार में उचित व्यवहार स्थापित करना और घरेलू तथा वैश्विक स्तर पर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
विज्ञापन
एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा और मानक प्रथम संशोधन विनियम, 2023 के जरिए सभी प्रकार के बासमती चावल के लिए पहचान मानकों को तय किया है। यह मानक बासमती चावल के लिए विभिन्न पहचान और गुणवत्ता मापदंडों को भी तय करते हैं, जैसे अनाज का औसत आकार और खाना पकाने के बाद उनका बढ़ाव अनुपात, नमी की अधिकतम सीमा, यूरिक एसिड, दोषपूर्ण अनाज और गैर-बासमती चावल की आकस्मिक उपस्थिति आदि।
विज्ञापन
बासमती की वैश्विक आपूर्ति का दो तिहाई भारत करता है
बासमती चावल हिमालय की तलहटी में खेती की जाने चावल की एक प्रीमियम किस्म है और यह अपने लंबे अनाज के आकार, बनावट और अनूठी सुगंध तथा स्वाद के लिए जाना जाता है। बासमती चावल उगाए जाने वाले विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों की कृषि-जलवायु परिस्थितियों के साथ ही चावल की कटाई, प्रसंस्करण और उम्र बढ़ने की विधि बासमती चावल की विशिष्टता में योगदान देती है। अपनी अनूठी गुणवत्ता विशेषताओं के कारण, बासमती चावल घरेलू और विश्व स्तर पर व्यापक रूप से खपत होने वाला चावल है और इसकी वैश्विक आपूर्ति का दो तिहाई हिस्सा भारत करता है।
विज्ञापन
मिलावट रोकने के लिए तय किए गए मानक
प्रीमियम गुणवत्ता वाला चावल होने के साथ अधिक कीमत होने के कारण आर्थिक लाभ के लिए बासमती चावल में मिलावट की जाती है, इसलिए घरेलू और वैश्विक बाजारों में असली बासमती चावल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एफएसएसएआई ने बासमती चावल के लिए नियामक मानकों को अधिसूचित किया है। यह मानक संबंधित सरकारी विभागों, एजेंसियों तथा अन्य हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किए गए हैं।