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नकली मावा बेचने वालों की खैर नहीं, एफएसएसएआई ने दिए छापेमारी करने के निर्देश
ब्यूरो डिजिटल, नई दिल्ली
Updated Fri, 19 Oct 2018 07:06 PM IST
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fssai
त्योहारी सीजन के देखते हुए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एफएसएसएआई ने दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए छापेमारी अभियान शुरू करने वाला है। एफएसएसएआई ने सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को पत्र लिख कर विशेष अभियान शुरू कर मिलावटी उत्पाद बेचने वालों पर कार्रवाई करने को कहा है।
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एफएसएसएआई के सीईओ पवन कुमार अग्रवाल के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से दूध की गुणवत्ता को लेकर हुए देशव्यापी सर्वे के चलते लोगों का भरोसा घटा है। उन्होंने बताया कि दूध और दूध से बने उत्पादों को ठीक से स्टोरेज न किया जाए, तो इनकी शेल्फ लाइफ काफी कम होती है।
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इसके अलावा त्यौहारों के सीजन में डिमांड में बढ़ोतरी होने के चलते दूध से बने उत्पादों में मिलावट करना शुरू कर देते हैं। एफएसएसएआई ने दूध परीक्षण के लिये 6,000 से ज्यादा नमूने लिये हैं और जल्दी ही शुरूआती सर्वे रिपोर्ट जारी करेगा।
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उन्होंने बताया कि त्यौहारों में खोया की मांग बढ़ जाती है, और अक्सर देखा जाता है कि मांग को पूरा करने के लिए महीनों पहले ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं। महीनों पहले तैयार होने के चलते उन्हें बेहद गंदगी वाली जगहों पर स्टोर किया जाता है, जिससे उनमें अकसर फंगस लग जाता है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक है।
वहीं दही के बारे में उन्होंने बताया कि अक्सर जंग लगे डिब्बों में भरकर उन्हें दूरदराज वाली जगहों पर भेजा जाता है, जिससे उन्हें सुक्ष्मजीव संक्रमण की समस्या बढ़ जाती है। अग्रवाल के मुताबिक एफएसएसएआई ने दूध में मिलावटी पदार्थों की एक सूची तैयार की है।
उन्होंने बताया कि कुछ लोग पैसों के लालच में दूध उत्पादों में मिलावट करके ग्राहकों को धोखा देता है और उनकी सेहत से खिलावड़ करते हैं, वहीं इन दिनों सुक्ष्म जीवों का संक्रमण भी दूध उत्पादों को जहरीला बना देता है, जो लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक साबित होता है।
अग्रवाल के मुताबिक उन्होंने सभी राज्यों और केन्द्रशासित राज्यों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को पत्र लिख कर दूध और दूध से बने उत्त्पादों जैसे खोया, पनीर, दही और घी पर विशेष अभियान शुरू करने के लिए कहा है। साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि इस अभियान के दौरान फंगस और मिलावट पर नजर रखी जाए।