फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India and France will open naval base for warships in Indian Ocean against China

चीन की घेराबंदी, भारत और फ्रांस जंगी जहाजों के लिए खोलेंगे नौसैनिक अड्डे

Sat, 10 Mar 2018 09:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 10 Mar 2018 09:25 PM IST
विज्ञापन
India and France will open naval base for warships in Indian Ocean against China
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों - फोटो : ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत और फ्रांस के बीच व्यापक द्विपक्षीय सहयोग पर कहा कि 'जमीन से आकाश तक कोई विषय नहीं है' जिसमें दोनों देश एक साथ काम नहीं कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों के साथ एक संयुक्त बयान जारी करते हुए यह बात कही। वहीं हिंद महासागर में चीन की बढ़ती ताकत को देखते हुए दोनों देशों ने अपने फैसले का रुख मोड़ा। बता दें कि जिस तरह से चीन हिंद सागर में अपनी हेकड़ी बढ़ा रहा है। भारत और फ्रांस के संयुक्त फैसलों में इसे खास तौर पर ध्यान में रखा गया है। हिंद महासागर में चीन के विरुद्ध दोनों देश एक दूसरे के युद्धपोतों के लिए नेवल बेस खोलेंगे।

विज्ञापन


भारत और फ्रांस ने आपसी संबंधों को व्यापक विस्तार देते हुए रक्षा, सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा समेत 14 क्षेत्रों में समझौते किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच शनिवार को हुई वार्ता में चीन के विस्तारवादी रवैये के मद्देनजर समुद्री तथा सामरिक क्षेत्र को लेकर कई अहम फैसले किए गए। दोनों देश एक दूसरे के जंगी जहाजों के लिए अपने नौसैनिक अड्डे खोलने पर राजी हो गए हैं। 
विज्ञापन


दोनों देशों के बीच 14 समझौते, आतंकवाद और परमाणु ऊर्जा पर विशेष जोर

दोनों में रक्षा व सामरिक मामलों की गोपनीय जानकारी सार्वजनिक नहीं करने पर भी सहमति बनी है। दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं की मुलाकात में भारत-प्रशांत क्षेत्र और हिंद महासागर में मजबूत पैठ बनाने के फैसले के साथ-साथ अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी अहम करार पर हस्ताक्षर हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोनों देशों ने शिक्षा, पर्यावरण, शहरी विकास, रेलवे, सौर उर्जा के क्षेत्र में भी दूरगामी परिणाम वाले समझौते किए हैं। इन समझौतों के बाद संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा कि जमीन से आसमान तक कोई ऐसा विषय नहीं है, जिसमें भारत और फ्रांस आपसी सहयोग नहीं कर रहे हों। राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि फ्रांस, भारत का सबसे अच्छा साझेदार है। दोनों देश आतंकवाद और कट्टरवाद से साझा लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

... तो राफेल पर नहीं मिलेगी गोपनीय जानकारी

India and France will open naval base for warships in Indian Ocean against China

... तो राफेल पर नहीं मिलेगी गोपनीय जानकारी

भारत और फ्रांस के बीच सामरिक मामलों की गोपनीय जानकारी के संरक्षण को लेकर समझौता हुआ है। यानी दोनों देश कोई भी गोपनीय जानकारी सार्वजनिक नहीं करेंगे। यह करार ऐसे समय में हुआ है जब कांग्रेस रॉफेल डील को लेकर सरकार को घेर रही है। वहीं सरकार ने सौदे की विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया है।

पीएम मोदी ने कहा, आज हमारी सेनाओं के बीच पारस्परिक साजोसामान में मदद को लेकर समझौता हुआ है। मैं इसे हमारे मजबूत रक्षा सहयोग के इतिहास में एक स्वर्णिम कदम मानता हूं। वहीं राष्ट्रपति मैक्रों ने भारतीय नौसेना के लिए स्कॉर्पियन पनडुब्बी और वायुसेना के लिए लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट का जिक्र किया। 

उन्होंने कहा, भारत ने रॉफेल लड़ाकू विमान को लेकर संप्रभु फैसला किया है। हम इस मामले में हो रही प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं। हम इसे जारी रखना चाहते हैं। यह लंबे समय का अनुबंध है। इससे दोनों को परस्पर लाभ होगा। मेरा मानना है कि यह हमारे सामरिक सहयोग के केंद्र में है। भारत ने वर्ष 2016 में फ्रांस सरकार के साथ 58,000 करोड़ रुपये में 36 रॉफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का सौदा किया था। 

कांग्रेस सरकार से इस सौदे का विस्तृत ब्यौरा देने की मांग कर रही है। उसका आरोप है कि उसके समय में हुए करार में इन विमानों की कीमत काफी कम थी, जबकि नए सौदे में प्रत्येक विमान के लिए 351 करोड़ रुपये ज्यादा चुकाए गए हैं। इसके लिए कांग्रेस फ्रांस की ओर से कतर और मिस्र को बेचे गए रॉफेल विमानों का हवाला दे रही है।

दोनों देशों की कंपनियों में 16 अरब डॉलर का सौदा

India and France will open naval base for warships in Indian Ocean against China
18वीं सदी से चले आ रहे संबंध 

पीएम मोदी ने कहा, हमारी रणनीतिक साझेदारी भले ही 20 साल पुरानी है, लेकिन हमारी सभ्यताओं की साझेदारी सदियों लंबी है। 18वीं सदी से लेकर आज तक पंचतंत्र की कहानियों, महाभारत और रामायण के जरिये फ्रांसीसी विचारकों ने भारत को देखा है। रोम्यां रोला, विक्टर ह्यूगो जैसे लोगों ने भारत का गहरा अध्ययन किया है। वहीं, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, फ्रांस, भारत का सबसे बेहतरीन साझीदार है। उसे यूरोप में भारत के प्रवेश का बिंदु होना चाहिए। हमारा पहला उद्देश्य रक्षा, अनुसंधान, विशेष रूप से युवा, उच्च शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी का नया युग शुरू करना है। 

आने वाले दिनों में हिंद महासागर पूरे विश्व में शांति की धुरी साबित होगा। - नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
समुद्री मार्ग आधिपत्य वाली ताकत दिखाने की जगह नहीं होनी चाहिए। - इमैनुएल मैक्रों, फ्रांसीसी राष्ट्रपति

साझा बयान के मुताबिक, भारत और फ्रांस की कंपनियों ने 16 अरब डॉलर का सौदा तय किया है। इसमें फ्रांस की कंपनी सेफरॉन भारत के स्पाइस जेट को उन्नत किस्म का इंजन देगी। साथ ही फ्रांस का सुएज भारत के दक्षिणी राज्यों में आधुनिक जल प्रणाली लगाएगा।

दोनों देशों की कंपनियों में 16 अरब डॉलर का सौदा

औद्योगिक गैस कंपनी एयर लिक्विड और स्टरलाइट के बीच भी करार हुए हैं। इसके साथ ही सौर उर्जा के सुचारु इस्तेमाल के लिए दोनों देशों के बीच सरकारी और निजी कंपनियों के स्तर पर भी अहम करार हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed