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Healthcare: ऐसा मेडिकल कालेज...जहां नहीं है बिलिंग काउंटर, फ्री में होता है इलाज; 'MBBS' की पढ़ाई भी निशुल्क

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 29 Oct 2025 05:00 PM IST
सार

'श्री मधुसूदन साई इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च', के चीफ मार्केटिंग अफसर विवेक कुमार बताते हैं कि 'नो बिलिंग काउंटर', भारत का ऐसा पहला मेडिकल कालेज है, जहां निशुल्क एमबीबीएस करने की सुविधा है। मेडिकल क्षेत्र में आने के इच्छुक अभ्यर्थी, निर्धारित परीक्षा पास करने के बाद इस कालेज में दाखिला ले सकते हैं।

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Free healthcare Sri Madhusudan Sai Institute of Medical Sciences and Research
श्री मधुसूदन साई इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कर्नाटक के मुद्देनहल्ली स्थित सत्य साई ग्राम में स्थापित 'श्री मधुसूदन साई इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च' मरीजों का सौ फीसदी निशुल्क इलाज करता है। चाहे जटिल सर्जरी हो, टेस्ट और दवाएं हो... सभी निशुल्क रहता है। इसका डिजाइन अमेरिका की राजधानी वॉशिंग्टन डीसी की सबसे ऐतिहासिक जगहों में शुमार 'कैपिटल हिल' की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसका उद्घाटन नवंबर में पीएम मोदी कर सकते हैं।
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मौजूदा समय में इस मेडिकल कालेज में 25 से अधिक स्पेशल विभाग हैं। इनमें जनरल सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल रोग, अस्थि रोग, कान–नाक–गला, नेत्र रोग, श्वसन रोग, मनोरोग, त्वचा रोग और हृदय रोग आदि से संबंधित बीमारियों का इलाज किया जा रहा है।
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'श्री मधुसूदन साई इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च', के चीफ मार्केटिंग अफसर विवेक कुमार बताते हैं कि 'नो बिलिंग काउंटर', भारत का ऐसा पहला मेडिकल कालेज है, जहां निशुल्क एमबीबीएस करने की सुविधा है। मेडिकल क्षेत्र में आने के इच्छुक अभ्यर्थी, निर्धारित परीक्षा पास करने के बाद इस कालेज में दाखिला ले सकते हैं। यहां पर 'नो बिलिंग कॉन्सेप्ट' है। केवल मरीज का रिकॉर्ड रखने के लिए उनकी 'आईडी' बनाई जाती है, ताकि भविष्य में टेस्ट एवं इलाज में मदद मिल सके। 
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अस्पताल, यह दुनिया का सबसे बड़ा निःशुल्क बाल हृदय अस्पताल नेटवर्क है। यह जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को निःशुल्क उपचार और शल्य चिकित्सा प्रदान करता है। अटल नगर (छत्तीसगढ़), पलवल (हरियाणा), नवी मुंबई (महाराष्ट्र), कोंडापाक (तेलंगाना), यवतमाल (महाराष्ट्र), जमशेदपुर (झारखंड) और रायवाला (उत्तराखंड) में बच्चों के इलाज के लिए सेंटर स्थापित किए गए हैं। 

फिजी और इसके पड़ोसी द्वीपों में बाल हृदय शल्य चिकित्सा की कोई सुविधा नहीं थी। 27 अप्रैल 2022 को उद्घाटित सत्य साई संजीवनी चिल्ड्रन हॉस्पिटल प्रशांत महासागर क्षेत्र का पहला निःशुल्क बाल हृदय अस्पताल है। यहां ऑस्ट्रेलिया, भारत, अमेरिका, चेक गणराज्य, ग्रीस, मलेशिया, न्यूजीलैंड, ओमान, सिंगापुर, स्लोवेनिया, यूक्रेन और यूके से आए विशेषज्ञ एक साथ 'वन वर्ल्ड, वन फैमिली' की भावना से सेवा करते हैं। 

अभी तक 30,000 से ज्यादा बच्चों का निःशुल्क इकोकार्डियोग्राम, 375 से अधिक निःशुल्क हृदय सर्जरी, 38,000 लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं और 4,700 रक्तदान यूनिट स्थापित की गई हैं, जिससे लगभग 14,000 जिंदगियां बचाई गई। सभी चिकित्सा संस्थानों की बात करें तो अभी तक 68,000 से ज्यादा सर्जरी पूरी तरह निशुल्क की गई हैं। 44 लाख से अधिक बाह्य रोगी परामर्श, 15,900 से ज्यादा सुरक्षित प्रसव, 37,000 से अधिक बच्चों के हृदय दोषों का उपचार, 1.4 लाख से अधिक रोगियों का भर्ती उपचार और 6.87 लाख से ज्यादा स्वास्थ्य जांचें, ग्रामीण क्षेत्रों में की गई हैं। 

स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह मिशन, वो भी निशुल्क, ये कैसे संभव हुआ है, इस सवाल के जवाब में विवेक कुमार ने कहा, हम मरीजों से कोई पैसा नहीं लेते। इसके लिए 'सीएसआर' (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) फंड के जरिए मदद ली गई। बता दें कि कंपनियों द्वारा समाज, पर्यावरण और समुदाय के विकास में योगदान देने के लिए आवंटित वित्तीय संसाधनों को 'सीएसआर' फंड कहा जाता है। भारत में, कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत, कुछ कंपनियों के लिए अपने औसत शुद्ध लाभ का कम से कम 2% सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करना अनिवार्य है। यह फंड कंपनियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी करने और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव डालने में मदद करता है।

मेडिकल कालेज में 24 घंटे एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहती है। मेडिकल इंश्योरेंस के बारे में विवेक कहते हैं कि इसमें दो तरह की स्कीम होती हैं। एक तो सरकारी स्कीम होती है, जिसमें प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना है, राज्य सरकार की स्कीम भी होती हैं, जैसे आरोग्य श्री है, ईएसआई भी रहता है। इन सभी स्कीम के लिए यह अस्पताल एम्पैनल्ड है। 

दूसरा, प्राइवेट इंश्योरेंस है। इसी माह हमने 'जनरल इंश्योरेंस काउंसिल' के साथ एमओयू साइन किया है। इनकी पॉलिसी हमारे यहां पर मान्य है। इसके दो फायदे हैं। अगर कोई ऐसा मरीज अस्पताल में भर्ती होता है, जिसके पास प्राइवेट इंश्योरेंस है, तो उससे कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। इंश्योरेंस कंपनी से जो भुगतान मिलेगा, उसे अस्पताल ले लेगा। लिहाजा हर पॉलिसी में कुछ आउट ऑफ पॉकेट खर्च रहता है। वह लगभग बीस प्रतिशत या उससे ज्यादा हो सकता है। जटिल सर्जरी में यह खर्च बढ़ सकता है। यहां कोई बिलिंग काउंटर नहीं है, ऐसे में मरीज से तो कोई पैसा नहीं लिया जाएगा, लेकिन इंश्योरेंस कंपनी से ले लेंगे। इसका फायदा किसी दूसरे मरीज को मिल जाएगा। 'कैपिटल हिल' की तर्ज पर तैयार बिल्डिंग में इस संस्था का दूसरा टीचिंग अस्पताल बन जाएगा। यहां पर इमरजेंसी, आईसीयू, प्राइवेट वार्ड और बड़ी सर्जरी वाले विभाग रहेंगे।  


यहां पर, इमरजेंसी, ओपीडी, ब्लड बैंक और कई दूसरे अहम विभाग हैं। आने वाले समय में ये टीचिंग अस्पताल बन जाएगा। इसमें लगभग डेढ़ सौ बेड रहेंगे। साथ ही यहां पर मातृ और शिशु, ये स्पेशल विभाग भी होंगे। राजेश्वरी ब्लॉक का उद्घाटन पीएम मोदी ने 2023 में किया था। यहां पर भी कुछ ओपीडी और स्पेशल वार्ड हैं। आने वाले समय में यह भवन, पूरे तरीके से मेडिकल कालेज 'अकेडमिक ब्लॉक' बन जाएगा। नए भवन में 11 ऑपरेशन थिएटर, 400 जनरल बेड, 100 आईसीयू बेड और 100 प्राइवेट बेड होंगे। 600 बिस्तरों वाला यह अस्पताल, कॉरपोरेट अस्पतालों को टक्कर देगा। एक विशाल अत्याधुनिक विश्वस्तरीय यह अस्पताल पूर्णत: नि:शुल्क चिकित्सा सेवा केंद्र होगा।
 
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