फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   fraud purchase of a gift in BHU, inquiry order.

बीएचयू: गिफ्ट की खरीद में लाखों का घोटाला, जांच के आदेश

Mon, 30 May 2016 02:23 AM IST
अनूप ओझा/अमर उजाला, वाराणसी
अनूप ओझा/अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 30 May 2016 02:23 AM IST
विज्ञापन
fraud purchase of a gift in BHU, inquiry order.
बीएचयू में पुरातन छात्र समागम के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला हुआ है। समागम के लिए आयोजित समारोह में अतिथियों, पुरातन छात्र-छात्राओं को वितरित की जाने वाली सामग्री के नाम पर हेराफेरी जाली फर्मों के नाम से की गई है।
विज्ञापन


समारोह के लिए वस्तुओं की खरीद में विश्वविद्यालय की विक्रय समिति को भी अंधेरे में रखा गया। गिफ्ट आइटम, स्मृति चिह्न और बैग की खरीद के जिन-जिन फर्मों के नाम पर कोटेशन जारी किए गए, उनमें से कई का कहीं अता-पता नहीं है। इस घपले की शिकायत के बाद हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन


कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। इस मामले में कई प्रोफेसरों के अलावा कर्मचारियों का गला नपने के संकेत मिले हैं।

पुरातन छात्र समागम-2015 के आयोजन के लिए गिफ्ट आइटम से लेकर अन्य वस्तुओं की खरीद में लाखों रुपये की हेराफेरी की शिकायत मिलने के बाद कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रो. एसके सिंह की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने इस मामले से जुड़े दस्तावेज तलब कर लिए हैं। 24 मई को जांच समिति ने पुरातन छात्र समागम के नाम पर हुई खरीद से जुड़े बिलों और अन्य पत्रावलियों की छानबीन करने के साथ ही इससे जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाईं। यह जांच आलोक कुमार सिंह की शिकायत पर शुरू हुई है।

कुलपति ने दिया जांच का आदेश, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

fraud purchase of a gift in BHU, inquiry order.
आलोक ने कुलपति को लिखे पत्र में कहा है कि पुरा छात्र प्रकोष्ठ के समन्वयक और वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रो. शशि भूषण अग्रवाल ने कई काल्पनिक फर्मों के नाम पर वस्तुओं की खरीद की है। आरटीआई के जरिए विश्वविद्यालय की ओर से पुरातन छात्र समागम के लिए की गई खरीद से जुड़ी जानकारी में भी हेराफेरी की पुष्टि हुई है।

जिन पांच फर्मों के नाम पर स्मृति चिह्न, बैग खरीदने के लिए कोटेशन दिए गए थे, उनमें से कई फर्मों के पते से डाक लौट आई है। पता चला है कि कोटेशन में दिए गए पते पर उन फर्मों का नामोनिशान तक नहीं मिला। पुरातन छात्र समागम के प्रतिभागियों को बैग वितरण के लिए कई फर्मों के जाली लेटर पैड बनाए गए और फर्जी हस्ताक्षर किया गया है।

उधर, पुरा छात्र प्रकोष्ठ के समन्वयक प्रो. शशिभूषण सिंह का पक्ष जानने के लिए उनसे फोन पर संपर्क साधा गया लेकिन मोबाइल स्विच्ड ऑफ होने की वजह से बात नहीं हो सकी।

पुरातन छात्र समागम के नाम पर वस्तुओं की खरीद में हेराफेरी की शिकायत मिलते ही जांच समिति गठित कर दी गई है। जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। महामना के परिसर में भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। - प्रो. जीसी त्रिपाठी, कुलपति।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed