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केंद्र सरकार ने SC में कहा- Right to Privacy को नहीं बना सकते फंडामेंटल राइट

Wed, 26 Jul 2017 04:25 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला Updated Wed, 26 Jul 2017 04:25 PM IST
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Four states move SC in support of Right to Privacy to be declared as Fundamental Right.
आधार - फोटो : IA
गैर बीजेपी प्रशासित 4 राज्यों ने आधार कार्ड की डाटा शेयरिंग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है। चारों राज्यों ने राइट टू प्राइवेसी को मौलिक अधिकार मामने की अपील करते हुए सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि डाटा शेयरिंग ने निजता का उल्लंघन होगा। हालांकि केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि राइट टू प्राइवेसी को मूल अधिकारों की श्रेणी में नहीं शामिल किया जा सकता है। 
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सुप्रीम कोर्ट में जो 4 राज्य राइट टू प्राइवेसी का मामला लेकर पहुंचे हैं, वो सभी गैर बीजेपी शासित राज्य हैं। इसमें कर्नाटक और पंजाब में कांग्रेस की सरकारे हैं। इन राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि राइट टू प्राइवेसी को नागरिकों का मौलिक अधिकार माना जाए। 
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पंजाब और कर्नाटक के अलावा टीएमसी शासित पश्चिम बंगाल और कांग्रेस शासित पुड्डुचेरी ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
 


गौरतलब है कि आधार कार्ड के डाटा को विभिन्न एजेंसियों के बीच साझा करने को लेकर कई संगठन और गणमान्य लोग निजता पर खतरा बता रहे हैं। उनका कहना है कि आधार के डाटा से किसी की भी निजी जिंदगी में घुसपैठ की जा सकती है।
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