पुडुचेरी : चुनाव से पहले ही कांग्रेस सरकार पर संकट, जानें क्या है विधानसभा का गणित
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पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई है। चुनावों से पहले ही कांग्रेस को एक बड़ा झटका मिला है, पार्टी के चार विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस के चार विधायकों के इस्तीफे देने के बाद मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने कैबिनेट की बैठक की।
बैठक में कैबिनेट को भंग करने की बजाय बहुमत साबित करने का फैसला किया गया। इधर एलजी पद से राष्ट्रपति ने किरण बेदी को हटा दिया है। पुडुचेरी विधानसभा में विधायकों की संख्या 30 है, जिसमें 2016 में हुए चुनावों के दौरान कांग्रेस ने 15 सीटें जीती थीं।
इसके बाद कांग्रेस को तीन डीएमके और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन मिला था। लेकिन चार विधायकों के इस्तीफे देने के बाद अब विधायकों की संख्या दस हो गई है। बता दें कि इससे पहले एक विधायक को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने की वजह से पार्टी से बाहर निकाल दिया गया था।
वहीं विपक्ष की स्थिति देखें तो 2016 में विधानसभा चुनाव में एआईएनआरसी की सात सीटें और अन्नाद्रमुक को चार सीटें मिली थीं। वहीं सदन में भारतीय जनता पार्टी के तीन नामित सदस्य हैं। अब कांग्रेस गठबंधन के पास महज 14 विधायक हैं। उसे डीएमके और एक निर्दलीय का समर्थन प्राप्त है। विपक्ष के सदस्यों की संख्या भी अब 14 है। फिलहाल, बहुमत का आंकड़ा 15 का है, जिससे कांग्रेस एक अंक दूर है।
बता दें कि पुडुचेरी के कामराज सीट से कांग्रेस एमएलए ए जॉन कुमार ने कांग्रेस सरकार में असंतोष का हवाला देते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा कांग्रेस विधायक मल्लदी कृष्ण राव, नमिचीवम और थिपिनदान पहले से पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं।
पीडब्ल्यूडी मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले नमिचीवम और विधायक पद से इस्तीफा देने वाले ई थिपिनदान पहले ही भाजपा से जुड़ चुके हैं। अभी तक पुडुचेरी विधानसभा से कुल चार कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। यही वजह से वी नारायणसामी के नेतृत्व वाली सरकार संकट में आ गई है।
वहीं पुडुचेरी में तमिलनाडु के साथ विधानसभा चुनाव होना है, हालांकि अभी तारीखों का एलान होना बाकी है।