कक्षा आठ के 44 छात्रों को तीन घंटे बंधक बनाकर पीटा, दो की हालत बिगड़ी
- दो शिक्षकों और चौकीदार ने कक्षा 11 के छात्रों के साथ मिलकर जूनियर छात्रों को तीन घंटे तक पीटा।
- एक छात्र की हालत बिगड़ने पर जब सूचना पाकर अभिभावक कॉलेज पहुंचे तो खुला पूरा मामला।
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जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा आठ के छात्रों पर कमरे में बंधक बनाकर कहर बरपाया गया। आरोप है कि विद्यालय के दो शिक्षकों और चौकीदार ने कक्षा 11 के छात्रों के साथ मिलकर जूनियर छात्रों को बीती चार मार्च की रात तीन घंटे तक डंडों और लात-घूंसों से पीटा।
एक छात्र की हालत बिगड़ने पर जब सूचना पाकर मंगलवार को अभिभावक कालेज पहुंचे तो पूरा मामला खुल गया। अभिभावकों के हंगामा काटने पर प्रधानाचार्य ने सात सीनियर्स को सस्पेंड करते हुए शिक्षकों और चौकीदार के खिलाफ जांच बैठा दी है। वहीं, डीएम ने भी इस प्रकरण पर सख्त रुख अपनाते हुए एसडीएम सरधना से रिपोर्ट मांग ली है।
जूनियर छात्रों के अनुसार 4 मार्च (शुक्रवार) की रात चौकीदार ओमवीर की कक्षा आठ के छात्रों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गयी थी। ओमवीर ने इसकी जानकारी कक्षा 11 के छात्रों के साथ शिक्षक रमन और रणवीर को दी।
'मुर्गा बनाकर बेरहमी से पीटा'
छात्रों का आरोप है कि उस रात करीब 9 बजे करीब 44 छात्रों को एक ही कमरे में बंद कर दिया गया। जिसके बाद उन्हें मुर्गा बनाकर बेरहमी से पीटा गया। रात करीब 12 बजे तक कक्षा 11 के छात्र, दोनों शिक्षक और चौकीदार हमारी पिटाई करते रहे। जिसमें गौरव मीना, अमरजीत बक्सर को काफी चोटें लगीं।
पीड़ित छात्रों ने एक साथ अपने परिजनों को फोन करके घटना की जानकारी दी। परिजनों ने मोबाइल फोन पर मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी, लेकिन कोई कार्यवाई नहीं हुई।
मंगलवार को सभी छात्रों के परिजनों ने एक साथ विद्यालय पहुंचकर प्रधानाचार्य डॉ. अमरनाथ राय से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई की मांग की। प्रधानाचार्य से संतोषजनक जवाब न मिलने पर अभिभावकों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया।
नोकझोंक के बीच पांच घंटे चली वार्ता
हंगामे के बाद प्रधानाचार्य और कॉलेज स्टाफ से करीब पांच घंटे अभिभावकों की वार्ता चली। इस बीच कई बार गर्मागर्मी और नोकझोंक हो गई। प्रधानाचार्य ने सात आरोपी छात्रों को विद्यालय से सस्पेंड करने के साथ ही चौकीदार और दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों के पास रिपोर्ट भेजने का आश्वासन दिया। तब जाकर अभिभावक शांत हुए।
हम कुछ नहीं कर सकते
कुछ अभिभावक हंगामे के दौरान कोतवाली पहुंचे और दोषी शिक्षकों व छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की, लेकिन थाना पुलिस ने मामला विद्यालय से जुड़ा होने पर विद्यालय के सक्षम अधिकारी के निर्देश पर ही रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही।
क्या बोले प्रधानाचार्य
घटना निंदनीय है, लेकिन जिस दिन यह घटना हुई, मैं विद्यालय में नहीं था। पीड़ित छात्रों के अभिभावकों से वार्ता के बाद कक्षा 11 के सात छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है। चौकीदार व दोनों शिक्षकों पर कार्रवाई के लिए जांच कमेटी गठित कर दी गई हैं। मैने डीएम और लखनऊ में उच्चाधिकारियों को इस मामले से अवगत करा दिया है।- डॉ. अमरनाथ राय, प्रधानाचार्य
मामला मेरी जानकारी में आया है। एसडीएम सरधना से रिपोर्ट मांगी जा रही है। जो भी शिक्षक, कर्मचारी इसमें दोषी मिलेगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो, इसके लिए प्रधानाचार्य को भी चेतावनी जारी की जाएगी।- पंकज यादव, डीएम, मेरठ