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Parliament Security Breach: संसद के पूर्व सुरक्षा प्रमुख ने संसद की सुरक्षा में चूक पर सवाल उठाए; कही यह बात
Thu, 14 Dec 2023 01:10 AM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 14 Dec 2023 01:10 AM IST
सार
इस बीच लोकसभा सचिवालय ने सांसदों को नए भवन में प्रवेश के लिए अपने ‘स्मार्ट कार्ड’ लेने को कहा है। सचिवालय ने एक बुलेटिन में सदस्यों को चेहरे की पहचान प्रणाली को लेकर सचेत किया है। इस प्रणाली की मदद से भवन के दरवाजों, लोकसभा-राज्यसभा लॉबी और संसद भवन के कुछ अन्य स्थानों तक पहुंचा सकता है।
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Parliament Security Breach
- फोटो : ANI
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विस्तार
लोकसभा की गंभीर सुरक्षा चूक पर संसद के पूर्व सुरक्षा प्रमुख वी पुरुषोत्तम राव ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 2001 के संसद हमले की घटना के बाद नियुक्त लोकसभा के तत्कालीन उपाध्यक्ष की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों को लागू किया गया होता तो इस तरह की घटना न होती।
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उन्होंने कहा कि मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन नहीं किया गया है। मुझे किसी की आलोचना नहीं करनी चाहिए, लेकिन यह एक गंभीर चूक है। राव ने कहा कि उन्होंने 2001 में संसद पर हमला करने वाले पांच हमलावरों में से एक को गोली मार दी थी। दावा किया कि समिति द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार संसद की आगंतुक गैलरी में बुलेट-प्रूफ ग्लास स्थापित करना था, जो नहीं किया गया।
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अब सांसदों से अपने ‘स्मार्ट कार्ड’ लेने को कहा गया
इस बीच लोकसभा सचिवालय ने सांसदों को नए भवन में प्रवेश के लिए अपने ‘स्मार्ट कार्ड’ लेने को कहा है। सचिवालय ने एक बुलेटिन में सदस्यों को चेहरे की पहचान प्रणाली को लेकर सचेत किया है। इस प्रणाली की मदद से भवन के दरवाजों, लोकसभा-राज्यसभा लॉबी और संसद भवन के कुछ अन्य स्थानों तक पहुंचा सकता है। सचिवालय ने कहा है कि कई सदस्यों के पास स्मार्ट कार्ड हैं, लेकिन जिन सांसदों ने आगंतुक प्रबंधन प्रणाली के लिए पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
संसद के अंदर और बाहर क्या-क्या हुआ?
दरअसल, बुधवार दोपहर में दो आरोपी मनोरंजन डी और सागर शर्मा लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में कूद गए और उन्होंने कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया, जिससे सांसदों में के बीच अफतरातफरी मच गई। सांसदों ने आरोपियों को पकड़ा और उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद उन्हें सदन में मौजूद मार्शल के हवाले किया गया।
दूसरी ओर उनके साथी नीलम और अमोल शिंदे ने संसद भवन के बाहर कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया और नारेबाजी की। इसके बाद बाहर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ललित और विशाल शर्मा के रूप में दो अन्य आरोपी भी इस साजिश में शामिल थे। विशाल को हरियाणा के गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया, जबकि ललित फिलहाल फरार है।
पुलिस बोली- संसद की सुरक्षा में सेंध एक सुनियोजित घटना थी
पुलिस ने बताया कि 25 वर्षीय शिंदे महाराष्ट्र के लातूर जिले में स्थित अपने गांव से यह कहकर निकला था कि वह सेना भर्ती अभियान में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली जा रहा है। शिंदे ने हरियाणा की नीलम के साथ संसद के बाहर 'तानाशाही नहीं चलेगी', 'भारत माता की जय' और 'जय भीम, जय भारत' के नारे लगाए।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि संसद की सुरक्षा में सेंध एक सुनियोजित घटना थी, जिसे छह लोगों ने अंजाम दिया, ये सभी इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर एक-दूसरे के संपर्क में थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने कुछ दिन पहले योजना बनाई और बुधवार को संसद आने से पहले उन्होंने रेकी की।
उन्होंने कहा, 'उनमें से पांच संसद में आने से पहले गुरुग्राम में विशाल के आवास पर रुके थे। योजना के अनुसार, सभी छह लोग संसद के अंदर जाना चाहते थे, लेकिन केवल दो को पास मिले।