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परमबीर को राहत: देश में ही हैं मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- नहीं होगी गिरफ्तारी, जांच में करें सहयोग
Mon, 22 Nov 2021 03:09 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Mon, 22 Nov 2021 03:09 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल परमबीर सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और उनसे जांच में सहयोग करने को कहा है।
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Parambir Singh
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की अवैध वसूली कराने का आरोप लगाने के बाद से फरार चल रहे पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह मामले में नया खुलासा हुआ है। अभी तक यह पता चला था कि मुंबई परमबीर सिंह जांच से बचने के लिए देश छोड़कर भाग गए हैं, लेकिन अब उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह देश में ही हैं और जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
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परमबीर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट में उनके वकील ने बताया कि वह इसलिए छुपे हुए हैं, क्योंकि मुंबई पुलिस से उनकी जान को खतरा है। उन्होंने बताया कि वह 48 घंटे के भीतर सीबीआई या कोर्ट में पेश होने के लिए तैयार हैं।
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गिरफ्तारी पर लगी फिलहाल रोक
इस खुलासे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने परमबीर सिंह से जांच में सहयोग करने को कहा है। कोर्ट ने फिलहाल परमबीर सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और उनसे पूरे मामले की जांच के दौरान सहयोग बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट में उनके वकील ने कहा कि परमबीर सिंह को पूरे मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने जिन अधिकारियों को भ्रष्ट आचरण के लिए दंडित किया है, उन्हीं को आज शिकायतकर्ता बनाया गया है। अब तक उनके खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
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अब छह दिसंबर को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस मामले में सीबीआई और महाराष्ट्र डीजीपी को नोटिस भी जारी किया गया है। इसके तहत परमबीर सिंह के खिलाफ फिलहाल कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है। कोर्ट अब इस मामले में छह दिसंबर को अगली सुनवाई करेगा। इससे पहले उनके वकील ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश पर सवाल उठाया जिसमें उन्हें केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण(कैट) का दरवाजा खटखटाने का निर्देश दिया गया था। शीर्ष अदालत ने 18 नवंबर को संरक्षण की मांग वाली सिंह की याचिका पर यह कहते हुए विचार करने से इनकार करते हुए कहा था कि जब तक वह अपने ठिकाने का खुलासा नहीं कर देते तब तक न तो उनकी याचिका पर सुनवाई होगी और न ही राहत दी जा सकती है। मुंबई की एक अदालत ने 17 नवंबर को उसे भगोड़ा घोषित करने के लिए मुंबई पुलिस की अर्जी को स्वीकार कर लिया था।
चांदीवाल आयोग का निर्देश, हस्ताक्षर को लेकर हलफनामा दायर करें परमबीर
इस बीच महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए गठित जस्टिस केयू चांदीवाल आयोग ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के हस्ताक्षर को लेकर हलफनामा दाखिल करने को कहा। देशमुख की वकील अनीता केसालिनो ने आयोग से कहा था कि सिंह द्वारा आयोग को दिए गए दो अलग-अलग दस्तावेज में हस्ताक्षर अलग-अलग हैं।
जस्टिस चांदीवाल ने सिंह के वकील अभिनव चंद्रचूड़ और अनुकूल सेठ से कहा, मुझे परमबीर सिंह के हस्ताक्षर सहित हलफनामा चाहिए। यदि आप चाहते हैं तो मैं आदेश जारी कर सकता हूं। इसबीच, बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे अपना बयान दर्ज कराने के लिए आयोग के समक्ष पेश हुए। आयोग मंगलवार को बयान दर्ज करेगा।