Goa Election: पूर्व विधायक ने गंभीर आरोप लगाते हुए छोड़ा टीएमसी का साथ, सितंबर में ही हुए थे शामिल
तटीय राज्य गोवा में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है और उसने यहां कि प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी एमजीपी से भी हाथ मिला लिया है। लेकिन, कुछ सप्ताह पहले ही टीएमसी में शामिल होने वाले एक पूर्व विधायक ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है और टीएमसी पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
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गोवा में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और इसे लेकर नेताओं की दल-बदल भी जारी है। करीब तीन महीने पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने वाले पोंडो के पूर्व विधायक लवू मामलेदार ने अब पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। अपने इस कदम को लेकर मामलेदार ने कहा कि मैं सितंबर में टीएमसी में इसलिए शामिल हुआ था क्योंकि मैं ममता बनर्जी के 2021 के विधानसभा चुनावों में प्रदर्शन और हाई-कमांड संस्कृति की ओर उनके रुख से प्रभावित था।
भाजपा से भी खराब है टीएमसी: लवू मामलेदार
उन्होंने आरोप लगाया कि पांच नवंबर को टीएमसी और एमजीपी (महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी) के बीच गठबंधन के बाद हमने इसका सांप्रदायिक रूप देखा। टीएमसी अपना वोट बैंक बनाने के लिए हिंदुओं और ईसाईयों के बीच दरार डालना चाहती है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि योजनाओं के लिए जानकारी एकत्र करने के नाम पर पार्टी लोगों का डाटा भी जुटा रही है। पिछले 15-20 दिन में मैंने जो कुछ देखा है उससे पूरी तरह साफ है कि टीएमसी भाजपा से भी खराब है।
'गोवा की जनता से झूठे वादे कर रही है टीएमसी'
मामलेदार ने कहा कि टीएमसी ने लक्ष्मी भंडार योजना की शुरुआत की है और इसके तहत पश्चिम बंगाल की महिलाओं को 500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था है। लेकिन गोवा में पार्टी की ओर से महिलाओं को 5000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया जा रहा है, जो कि संभव ही नहीं है। मामलेदार ने कहा कि जब एक पार्टी को अपनी हार महसूस होने लगती है तो वह झूठे वादे करती है। मैं ऐसी पार्टी का हिस्सा नहीं बनूंगा जो जनता को बेवकूफ बनाती है।
सितंबर अंत में टीएमसी से जुड़े थे लवू मामलेदार
पोंडा से पूर्व विधायक लवू मामलेदार सितंबर के अंतिम सप्ताह में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। वह राज्य के उन शुरुआती नेताओं में से एक थे जिन्होंने टीएमसी से जुड़ने का फैसला किया था। इस साल बंगाल में विशाल जीत से भाजपा को करारा झटका देने वाली टीएमसी ने फरवरी 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदेश की सभी 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का एलान किया है। इसके लिए उसने भाजपा की पूर्व सहयोगी एमजीपी के साथ हाथ मिलाया है।
पूर्व जीजेएम नेता बिनय तमांग तृणमूल में शामिल
गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के चुनाव से पहले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के पूर्व नेता बिनय तमांग शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्र आधारित पार्टी से इस साल की शुरुआत में अपना नाता तोड़ लिया था। उनके साथ ही जीजेएम के पूर्व विधायक रोहित शर्मा भी तृणमूल में शामिल हो गए। राज्य के मंत्री मलय घटक और ब्रत्य बसु ने पार्टी का झंडा भेंटकर तमांग और शर्मा का पार्टी में स्वागत किया। उनसे जब गोरखालैंड को राज्य का दर्जा दिए जाने के रुख के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग और कलिम्पोंग का विकास उनकी शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, पहाड़ी क्षेत्र का विकास मेरी शीर्ष प्राथमिकता है। भाजपा दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए राज्य का दर्जा दिए जाने के मुद्दे का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। 2009 से वे गोरखालैंड की मांग का समर्थन करने की बात कहते आए हैं, लेकिन इस दिशा में अब तक उन्होंने कुछ नहीं किया।
पश्चिम बंगाल: ममता ने चर्च में की प्रार्थना
क्रिसमस की पूर्व संध्या पर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में कैथेड्रल ऑफ़ द मोस्ट होली रोसरी चर्च में प्रार्थना की।
West Bengal CM Mamata Banerjee attends the midnight service at the Cathedral of the Most Holy Rosary in Kolkata
— ANI (@ANI) December 24, 2021
(Video Source: Mamata Banerjee's Facebook) pic.twitter.com/rPun807R2u