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पूर्व वित्त सचिव ने अरुण जेटली को बताया ज्यादा समझदार, कहा- निर्मला सीतारमण चाहती थीं मुझे हटाना

Sun, 01 Nov 2020 03:03 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Sun, 01 Nov 2020 03:03 AM IST
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Former finance secretary told Arun Jaitley more sensible, said Nirmala Sitharaman wanted to remove me
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

पूर्व केंद्रीय वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने शनिवार को आरोप लगाया कि उन्हें वित्त मंत्रालय से हटाए जाने के पीछे केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भूमिका थी, जो उन्हें वहां से हटाना चाहती थीं। हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि सीतामरण अपने पूर्ववर्ती वित्त मंत्री अरुण जेटली के मुकाबले बेहद अलग व्यक्तित्व और ज्ञानवान महिला हैं।

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लेकिन 1983 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी गर्ग ने निर्मला सीतारमण के मुकाबले दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की ज्यादा बेहतरीन जानकारी और अर्थव्यवस्था की बेहतर समझ के लिए तारीफ की।
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बता दें कि गर्ग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश होने के महज तीन सप्ताह बाद वित्त मंत्रालय से हटा दिया गया था। वित्त मंत्रालय में वित्त मामला विभाग संभाल रहे गर्ग ने वहां से हटाकर ऊर्जा मंत्रालय भेजे जाने का आदेश जारी होने के महज आधा घंटे बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। गर्ग की तरफ से एक ब्लॉग पर लिखे गए लेख में लगाए गए आरोप पर वित्त मंत्रालय और वित्त मंत्री कार्यालय ने किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की है।
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गर्ग ने कहा कि मैं सरकारी सेवा से सामान्य तरीके से सेवानिवृत्ति लेना चाहता था, लेकिन मुझे वीआरएस लेना पड़ा। मेरे सीतारमण के साथ कामकाजी संबंध बहुत अच्छे और उत्पादक नहीं थे। सीतारमण मेरे बारे में पहले से एक धारणा मन में तय कर वित्त मंत्रालय में आई थीं और वह मुझे लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थीं। उन्होंने निर्मला सीतारमण के साथ मतभेदों में आरबीआई से सरप्लस फंड को डिविडेंड के तौर पर लेने और गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थानों की समस्याओं से निपटने में वैचारिक भिन्नता को प्रमुख तौर पर गिनाया।

साल 2014 में राजस्थान कैडर से डेपुटेशन पर केंद्र में आए गर्ग को विश्व बैंक का एक्जीक्यूटिव अधिकारी नियुक्त किया गया था, जहां से 2017 में वापस लौटने पर उन्हें जून माह में डीईए सचिव नियुक्त किया गया था। केंद्र सरकार ने मार्च, 2019 में उनको प्रोन्नति देते हुए वित्त सचिव पर तैनाती दी थी। उन्होंने कहा कि सीतारमण मुझे पांच जुलाई को बजट पेश होने से पहले जून में ही हटाना चाहती थीं, लेकिन मुझे नहीं पता कि सरकार ने उनके आग्रह को तत्काल स्वीकार क्यों नहीं किया।  


बता दें कि इससे पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के दो दिन बाद 26 जुलाई, 2019 को गर्ग ने कहा था कि उनके इस्तीफे को वित्त मंत्रालय से स्थानांतरित किए जाने से नहीं जोड़ा जाए और वह इसका निर्णय पहले ही ले चुके थे। साथ ही 18 जुलाई को प्रधानमंत्री कार्यालय को भी सूचित कर चुके थे।

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