सियासत: चामुंडेश्वरी विधानसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे पूर्व सीएम सिद्धारमैया, 2018 में मिली थी हार
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मैसूरु जिले के चामुंडेश्वरी विधानसभा क्षेत्र से आगामी विधानसभा चुनाव में लड़ने से मना कर दिया है। वे 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट से लड़े थे, तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
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कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मैसूरु जिले के चामुंडेश्वरी विधानसभा क्षेत्र से आगामी विधानसभा चुनाव में लड़ने से मना कर दिया है। वे 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट से लड़े थे, तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। कर्नाटक में साल 2023 में विधानसभा चुनाव होना है। 2018 में मौजूदा मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने चामुंडेश्वरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का फैसला किया था।इससे पहले वे मैसूर जिले की 'अपनी सुरक्षित' वरुणा सीट से चुनाव लड़ते थे। 2018 के चुनावों में उन्होंने अपने बेटे डॉ यतींद्र सिद्धारमैया के लिए खाली कर दी थी।
2018 के चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे डॉ यतींद्र सिद्धारमैया जीत गए थे। वहीं, चामुंडेश्वरी सीट पर जद (एस) नेता जी टी देवेगौड़ा से लगभग 34,000 मतों के अंतर से हार गए थे।
कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम ने बताया कि लोग मुझे चार से पांच जगह से चुनाव लड़ने के लिए बुला रहे हैं, मैंने अभी तक फैसला नहीं किया है। वहीं 2023 में चामुंडेश्वरी सीट से अपनी किस्मत आजमाने के सवाल पर सिद्धारमैया ने वहां से चुनाव लड़ने से मना कर दिया।
तय समय से पहले चुनाव होने की संभावना से उन्होंने इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता ऐसा होगा। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, भाजपा के वरिष्ठ नेता बी एस येदियुरप्पा और अन्य नेताओं ने भी इससे इनकार किया है। इस तरह के सवालों को उन्होंने अटकलबाजी करार दिया। कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने कहा कि इसके बावजूद यदि जल्दी चुनाव होते हैं, तो हम सामना करने के लिए तैयार हैं। जनता हमारे पक्ष में हैं।
कांग्रेस नेताओं के दल बदलने के सवाल को गलत बताते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के कई नेताओं के बजाय भाजपा के कई नेता कांग्रेस में शामिल होंगे। कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने यह भी दावा किया कि जनता दल (सेक्युलर) के विधायक जी टी देवेगौड़ा ने उनसे अपने और अपने बेटे के लिए टिकट की मांग की है। वहीं भाजपा और जनता दल (एस) के गठबंधन की संभावना पर, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें परवाह नहीं है अगर वे गठबंधन करते हैं।
इस दौरान उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री सीएम इब्राहिम पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले व्यक्ति द्वारा लगाए गए आरोपों को महत्व देने की कोई आवश्यकता नहीं है। सिद्धारमैया ने कहा कि इब्राहिम के जाने के बाद पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इब्राहिम विधायी परिषद में विपक्ष का नेता बनना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने बी के हरि प्रसाद को जिम्मेदारी दी।