पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई राज्यसभा जाएंगे, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नामित किया
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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई अब राज्यसभा जाएंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया है। बात दें कि पूर्व में नामित किए गए सदस्य के सेवानिवृत्त होने के कारण रिक्त हुए पद को भरने के लिए राज्यसभा में पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को नामित किया गया है।
President Ram Nath Kovind nominates former Chief Justice of India Ranjan Gogoi to the Rajya Sabha. pic.twitter.com/zCDrFCqdou
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 16, 2020
गृहमंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड 3 के साथ पठित खंड 1 के उपखंड क की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने गोगोई को नामित किया है। मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुधेश कुमार शाही ने यह अधिसूचना पत्र जारी किया है।
बता दें कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश गोगोई अयोध्या मामला, आरटीआई दायरे में सीजेआई कार्यालय, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी), राफेल मामला, अमिताभ बच्चन की आय का मामला जैसे मामलों में फैसला दे चुके हैं।
बीते साल ही सेवानिवृत्त हुए हैं रंजन गोगोई
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi - Chief Justice of India) बीते साल 17 नवंबर 2019 को सेवानिवृत्त हुए हैं। 15 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में उनके कार्य का आखिरी दिन था। पूर्व सीजेआई गोगोई ने 3 अक्तूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद ग्रहण किया था।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में 23 अप्रैल 2012 को नियुक्त हुए थे। तब से अब तक जस्टिस रंजन गोगोई ने अयोध्या मामले समेत कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले दिए, जिसके लिए देश उन्हें हमेशा याद करेगा। वे कड़े और कई बार आश्चर्यचकित कर देने वाले फैसले लेने के लिए भी जाने जाते हैं।
एक नजर: पूर्व सीजेआई गोगोई
- पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई का जन्म 18 नवंबर 1954 को हुआ था।
- वह देश के 46वें सीजेआई बने। उन्होंने 1978 में बार काउंसिल ज्वाइन की थी।
- जस्टिस गोगोई ने अपने करियर की शुरुआत गुवाहाटी हाईकोर्ट से की। 2001 में वहां जज बने थे।
- 2010 में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में जज बने। फिर 23 अप्रैल 2012 को सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त हुए।
- वह 3 अक्तूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने थे। 17 नवंबर 2019 को इस पद से सेवानिवृत्त होंगे।
- अयोध्या ममाले के अलावा, एनआरसी व जम्मू-कश्मीर मामले जैसे कई ऐतिहासिक मामलों की सुनवाई की है।