{"_id":"65bee0539dc248858a073a34","slug":"former-australian-pm-malcolm-called-modi-an-inspiring-leader-2024-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"JLF: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम मैल्कम ने मोदी को बताया प्रेरक नेता, कहा- ला रहे बड़ा बदलाव","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
JLF: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम मैल्कम ने मोदी को बताया प्रेरक नेता, कहा- ला रहे बड़ा बदलाव
Sun, 04 Feb 2024 06:24 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Sun, 04 Feb 2024 06:24 AM IST
सार
2017 में प्रधानमंत्री के तौर पर टर्नबुल ने भारत दौरे और पीएम मोदी से हुई मुलाकात को याद करते हुए कहा कि वे जब भी उनसे मिलते हैं, तो बहुत सकारात्मक महसूस करते हैं। द्विपक्षीय बैठकों के अलावा भी कई बार हमारी अनौपचारिक मुलाकात हुई।
विज्ञापन
जयपुर साहित्य उत्सव
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल ने नरेंद्र मोदी को प्रेरक नेता बताते हुए कहा कि वे बड़े बदलाव ला रहे हैं। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) के 17वें संस्करण में वक्ता के तौर पर शामिल हुए टर्नबुल 2017 ने भारत-ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को लेकर कहा वे दोनों देशों के मौजूदा नेताओं की कैमिस्ट्री और संबंधों को 10 में से पूरे 10 अंक देंगे।
2017 में प्रधानमंत्री के तौर पर टर्नबुल ने भारत दौरे और पीएम मोदी से हुई मुलाकात को याद करते हुए कहा कि वे जब भी उनसे मिलते हैं, तो बहुत सकारात्मक महसूस करते हैं। द्विपक्षीय बैठकों के अलावा भी कई बार हमारी अनौपचारिक मुलाकात हुई। भले ही वे अपने देश में एक तबके के बीच विवादित माने जाते हों, लेकिन भारत से बाहर उन्हें एक प्रेरक नेता के तौर पर देखा जाता है, जो बड़ा बदलाव ला रहा है।
कारोबारी रिश्तों में सुधार की गुंजाइश
ऑस्ट्रेलिया के 29वें पीएम रहे टर्नबुल ने कहा, दोनों देशों में बहुत सी बातें समान हैं। दोनों क्रिकेट से प्यार करते हैं। दोनों देश कानून व लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। हालांकि, कारोबारी लिहाज से दोनों देशों के बीच व्यापक सुधार की संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के सामने भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था और वे भी मानते हैं कि दोनों देशों के बीच कारोबारी रिश्तों में सुधार की गुंजाइश है।
विज्ञापन
एफटीए से गहराएंगे संबंध
भारत-ऑस्ट्रेलिया एफटीए को लेकर टर्नबुल ने कहा कि यह दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा करेगा। यह कारोबारी संबंधों में अब तक रही कमी को पूरा करने का सबसे बड़ा जरिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी आत्मकथा बिग पिक्चर के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि यह उनकी एक बैंकर, पत्रकार, लॉयर, कारोबारी और प्रधानमंत्री के तौर पर की गई जीवन यात्रा का लेखाजोखा है।
चीन पर हुई थी चर्चा
पेशे से उद्यमी टर्नबुल ने बताया कि जब वे पहली बार पीएम मोदी से मिले थे, तो उन्होंने (मोदी) उनसे यह सवाल पूछा था कि ऑस्ट्रेलिया भारत के बजाय चीन के साथ ज्यादा व्यापार क्यों करता है, जिसका जवाब देते हुए टर्नबुल ने कहा था कि चीन एक कम्युनिस्ट देश होने के बाद भी कारोबार और निवेश के लिहाज से आसान है। हालांकि, टर्नबुल ने भारत के अपने कारोबारियों के संरक्षण नीति की आलोचना किए बिना कहा, वे मानते हैं कि भारत अपने लोगों के लिए जो सबसे सही है वह कर रहा है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में अब निवेश काफी आसान हुआ है।
विज्ञापन
2017 में प्रधानमंत्री के तौर पर टर्नबुल ने भारत दौरे और पीएम मोदी से हुई मुलाकात को याद करते हुए कहा कि वे जब भी उनसे मिलते हैं, तो बहुत सकारात्मक महसूस करते हैं। द्विपक्षीय बैठकों के अलावा भी कई बार हमारी अनौपचारिक मुलाकात हुई। भले ही वे अपने देश में एक तबके के बीच विवादित माने जाते हों, लेकिन भारत से बाहर उन्हें एक प्रेरक नेता के तौर पर देखा जाता है, जो बड़ा बदलाव ला रहा है।
विज्ञापन
कारोबारी रिश्तों में सुधार की गुंजाइश
ऑस्ट्रेलिया के 29वें पीएम रहे टर्नबुल ने कहा, दोनों देशों में बहुत सी बातें समान हैं। दोनों क्रिकेट से प्यार करते हैं। दोनों देश कानून व लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। हालांकि, कारोबारी लिहाज से दोनों देशों के बीच व्यापक सुधार की संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के सामने भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था और वे भी मानते हैं कि दोनों देशों के बीच कारोबारी रिश्तों में सुधार की गुंजाइश है।
विज्ञापन
एफटीए से गहराएंगे संबंध
भारत-ऑस्ट्रेलिया एफटीए को लेकर टर्नबुल ने कहा कि यह दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा करेगा। यह कारोबारी संबंधों में अब तक रही कमी को पूरा करने का सबसे बड़ा जरिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी आत्मकथा बिग पिक्चर के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि यह उनकी एक बैंकर, पत्रकार, लॉयर, कारोबारी और प्रधानमंत्री के तौर पर की गई जीवन यात्रा का लेखाजोखा है।
चीन पर हुई थी चर्चा
पेशे से उद्यमी टर्नबुल ने बताया कि जब वे पहली बार पीएम मोदी से मिले थे, तो उन्होंने (मोदी) उनसे यह सवाल पूछा था कि ऑस्ट्रेलिया भारत के बजाय चीन के साथ ज्यादा व्यापार क्यों करता है, जिसका जवाब देते हुए टर्नबुल ने कहा था कि चीन एक कम्युनिस्ट देश होने के बाद भी कारोबार और निवेश के लिहाज से आसान है। हालांकि, टर्नबुल ने भारत के अपने कारोबारियों के संरक्षण नीति की आलोचना किए बिना कहा, वे मानते हैं कि भारत अपने लोगों के लिए जो सबसे सही है वह कर रहा है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में अब निवेश काफी आसान हुआ है।