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ब्रिक्स की बैठक में भारत ने कहा- कोविड-19 से मुकाबले के लिए कारोबार को समर्थन की जरूरत
Tue, 28 Apr 2020 10:34 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rohit Ojha
Updated Tue, 28 Apr 2020 10:34 PM IST
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विदेश मंत्री एस जयशंकर
- फोटो : ANI
भारत ने मंगलवार को ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में इस बात पर जोर दिया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न संकट के प्रभाव को कम करने के लिए कारोबार को समर्थन देने की जरूरत है। इससे मुकाबला करने के साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा सके कि आजीविका का नुकसान नहीं हो।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए आयोजित पांच प्रमुख देशों के ब्रिक्स समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक में यह बात कही । बैठक में कोरोना वायरस महामारी से निपटने में आपसी सहयोग को और अधिक गहरा बनाने पर जोर दिया गया ।
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उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक ढांचे को आकार प्रदान करने में इस समूह की महत्वपूर्ण भूमिका है। ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) एक प्रभावशाली समूह है जो 3.6 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। इस समूह की कुल जीडीपी 16 हजार 600 अरब डॉलर है। ब्रिक्स समूह के सभी देश अभी कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित हैं।
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जयशंकर ने कहा कि हमें कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर कारोबार की मदद करने और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि लोग अपना जीविकोपार्जन नहीं गवांएं। उन्होंने कहा कि इस महामारी और इससे उत्पन्न चुनौतियों ने बहुस्तरीय व्यवस्था में सुधार की जरूरत को रेखांकित किया है।
विदेश मंत्री ने कहा कि महामारी के कारण न केवल लोगों के स्वास्थ्य एवं मानवता के समक्ष खतरा उत्पन्न हुआ है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है। इसके कारण वैश्विक कारोबार और आपूर्ति श्रृंखला में भी बाधा आई है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से सभी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिससे रोजगार एवं आजीविका को नुकसान की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में कारोबार, खास तौर पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को समर्थन दिए जाने की जरूरत है। बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ब्राजील के विदेश मंत्री अर्नेस्टो अराउजोवेरे ने हिस्सा लिया।