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विदेशी अखबार और दिग्गज सियासी हस्तियों ने इस तरह याद दिया अटल जी को

Sat, 18 Aug 2018 06:28 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 18 Aug 2018 06:28 AM IST
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Foreign media and political figures remembered atal bihari vajpai
पाकिस्तानी अखबारों में अटल जी का जिक्र

पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी भारत में हिंदू राष्ट्रवाद का एक शालीन चेहरा थे। उन्होंने पोखरन में परमाणु परीक्षण करके न सिर्फ भारत को एक बड़ी ताकत के रूप में स्थापित किया बल्कि लाहौर बस यात्रा द्वारा भारत-पाक रिश्तों की नई इबारत लिखी। वे हिंदुत्व का एक बड़ा चेहरा थे लेकिन उन्होंने कभी भी कट्टरपंथ को अपने नरम रवैये पर हावी नहीं होने दिया। अटल जी ने 1992 में सोलवीं शताब्दी के विवादित ढांचे (बाबरी मस्जिद) को गिराने को देश का अंधकारपूर्ण क्षण बताया तो दूसरी तरफ राम मंदिर पर हिंदू अभियान का हमेशा बचाव भी किया।

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-न्यूयॉर्क टाइम्स, अमेरिका

यदि किसी इंसान ने परमाणु ताकत और शांति दोनों ही रूप में स्थापित किया है तो वह हैं अटल बिहारी वाजपेयी। यह शख्स अब हमेशा के लिए खामोश हो चुका है, लेकिन उनकी याद में हर विरोधी राजनीतिक पार्टी श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हैं। अटल जी के जीवित रहते भी उन्हें विपक्षी नेताओं ने हमेशा स्वीकार किया है। भारत हमेशा से सोवियत संघ या रूस का सबसे अच्छा मित्र रहा है लेकिन अटल जी ने अमेरिका के साथ रिश्ते बनाने की एक बेहतरीन इबारत लिखी थी।
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-वाशिंगटन पोस्ट, अमेरिका

हर पाकिस्तानी अटल जी के योगदान को आज याद कर रहा है। उनकी लाहौर बस यात्रा ने दोनों देशों के बीच जो रिश्ते बनाए उन्हें भले ही कालांतर में कारगिल और अन्य हादसों ने बिगाड़ा हो लेकिन दक्षिण एशिया के इस बड़े नेता का कद इससे कम नहीं हुआ है। उन्हें पाकिस्तानी पत्रकारों और नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी है।
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-डॉन, पाकिस्तान

बारहवीं शताब्दी में अटल जी का नेतृत्व एक अनुकरणीय उदाहरण रहा है। उन्होंने न सिर्फ एक मजबूत और समावेशी भारत की नींव रखी बल्कि पड़ोसियों के साथ उनके संबंध भी बेहद उदार रहे हैं। चीन उनके नेतृत्व को आज भी याद रखा हुआ है जिसमें सीमाओं पर शांति हमेशा बरकरार रही।
-ग्लोबल टाइम्स, चीन

अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में चीन के साथ कारोबारी और व्यापारिक रिश्ते भी काफी अच्छे रहे हैं। उन्होंने चीन की तीन पीढ़ियों के नेताओं के साथ मुलाकात की है। 2003 में अटल जी ने अपनी चीन यात्रा के वक्त सीमा विवाद को सुलझाने के लिए एक मैकेनिज्म बनाने का प्रस्ताव दिया था। चीन आज उनके योगदान को याद कर रहा है।
-चायना डेली, चीन

भारत के बड़े हिंदू राष्ट्रवादी नेता अटल बिहारी वाजपेयी के साथ नेपाल के रिश्ते हमेशा नरम और सौहार्द भरे रहे हैं। भारत का परमाणु से लेकर पड़ोसियों के साथ बेहतर रिश्तों की इबारत लिखने में अहम योगदान देने वाला नायक अब हमेशा के लिए चिर निद्रा में सो गया है, उसे नमन।
-हिमालयन टाइम्स, नेपाल

अटल जी के सत्ता में आने के बाद यूरोपीय देशों की निगाहें भारत में राम मंदिर मुद्दे पर हिंदू-मुस्लिम संघर्ष की आशंकाओं पर टिकी थीं। लेकिन इस बड़े नायक ने जिस तरह से नेतृत्व किया उससे लगा कि सचमुच उन्होंने देश की नब्ज को अच्छे से समझा है। उन्होंने ब्रिटेन और यूरोपीय देशों के साथ भी अच्छे रिश्ते बनाए।
-आईबी टाइम्स, ब्रिटेन

अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के साथ ही भारतीय संसदीय लोकतंत्र का वह युग समाप्त हो गया है जब राजनीतिक विरोधियों के बीच स्वस्थ संवाद, एक-दूसरे का आदर और मानवीय स्तर पर संबंध बनाए रखना संभव था। वे ऐसे नेता रहे जो जवाहर लाल नेहरू के विरोध से अपनी राजनीति की शुरूआत करने के बावजूद उनके प्रशंसक बने रहे। शायद ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि वाजपेयी के कड़े भाषण का प्रहार सहने के बावजूद नेहरू ने उनकी पीठ थपथपाकर उनकी प्रशंसा की थी।
-दाइचे वेले, जर्मनी (यूरोपीय संघ)

विदेशी नेताओं ने भी किया अटल को याद

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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दृष्टिकोण से आज भी दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को लाभ मिल रहा है। 2000 में उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया था। तब उन्होंने भारत-अमेरिका के संबंधों को नैसर्गिक साझेदार बताया था।
- माइक पोम्पियो, अमेरिकी विदेश मंत्री 

भारत ने महान बेटा, वैश्विक नेता और अफगानिस्तान का दोस्त खो दिया। मेरा सौभाग्य है कि कुछ मौकों पर मुझे उनके साथ काम करने का अवसर मिला। उपमहाद्वीप में शांति और स्थिरता के लिए नि:स्वार्थ और समर्पित होकर काम किया। यह उनकी सबसे बड़ी खूबी थी।
- हामिद करजई, पूर्व राष्ट्रपति, अफगानिस्तान

वाजपेयी जी दूरदर्शी राजनेता थे। वह भारत की नि:स्वार्थ सेवा के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। भारत-नेपाल के संबंधों को मजबूत बनाने में उनका योगदान कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। भारत और दुनिया ने एक महान राजनीतिक हस्ती को खो दिया।
- केपी शर्मा ओली, प्रधानमंत्री, नेपाल

वाजपेयी जी श्रीलंका के सच्चे दोस्त थे। उन्होंने श्रीलंका में स्थिरता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई थी। महान नेता के साथ बिताई गई यादों को मैं हमेशा संभालकर रखूंगा।
- रानिल विक्रमासिंघे, प्रधानमंत्री, श्रीलंका

अटल बिहारी वाजपेयी को न सिर्फ उनकी देशसेवा और नेतृत्व क्षमता के लिए, बल्कि साहित्य और कला में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए भी याद किया जाएगा। मालदीव में मानव संसाधन विकास के लिए उनका योगदान हमेशा याद रहेगा।
- अब्दुल्ला यमीन अब्दुल गयूम, राष्ट्रपति, मालदीव

वाजपेयी ने अपने साहसी नेतृत्व और आम लोगों में उनकी गहरी सहानुभूति के जरिये भारत की नियति को आकार दिया। उनके सम्मान में मारीशस की सरकार ने सभी सरकारी इमारतों पर भारत-मारीशस के राष्ट्रीय ध्वजों को आधा फहराने का फैसला किया है।
- प्रविंद कुमार जुगनाथ, प्रधानमंत्री, मारीशस

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