{"_id":"60cd8ff580a4081d7b2756c1","slug":"force-chief-air-marshal-rks-bhadauria-on-eastern-ladakh-situation-talks-are-on-for-next-round","type":"story","status":"publish","title_hn":"हैदराबाद: बदलाव के दौर से गुजर रही वायुसेना, एयर मार्शल बोले- खुद बनाएंगे 5वीं पीढ़ी का एयरक्राफ्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
हैदराबाद: बदलाव के दौर से गुजर रही वायुसेना, एयर मार्शल बोले- खुद बनाएंगे 5वीं पीढ़ी का एयरक्राफ्ट
Sat, 19 Jun 2021 12:04 PM IST
Tanuja Yadav
पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 19 Jun 2021 12:04 PM IST
सार
वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने लद्दाख पर बनी हुई स्थिति को लेकर कहा कि अब अगले स्तर की बातचीत होगी और जल्द ही इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
भारतीय वायुसेना प्रमुख आरके एस भदौरिया
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने शनिवार को कहा कि तेजी से बदल रही सुरक्षा चुनौतियों और पड़ोस एवं अन्य क्षेत्रों में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के मद्देनजर भारतीय वायुसेना (आईएएफ) प्रौद्योगिकियों को तेजी से शामिल करके परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है।
विज्ञापन
भदौरिया ने यहां वायु सेना अकादमी में संयुक्त स्नातक परेड (सीजीपी) को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘वायुसेना परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है। हमारे अभियानों के हर पहलू में प्रौद्योगिकियों और लड़ाकू शक्ति का जितनी तेजी से समावेश अब हो रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ।’’
विज्ञापन
Talks are on for next round. There's proposal for Commander-level talks&decisions will be taken. 1st attempt is to continue with talks &do disengagement of balance friction points & follow it with de-escalation:Air Force Chief Air Marshal RKS Bhadauria on Eastern Ladakh situation pic.twitter.com/QXv3jW3ae6
— ANI (@ANI) June 19, 2021
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा कि एक साल पहले जब ये हुआ था हमने तैनाती की थी। उसके बाद एक साल में हमारी ताकत को कम करने का तो सवाल ही पैदा नहीं है। इस एक साल में हमने भी कदम उठाए हैं और काम किया है। हमारी क्षमता जो एक साल पहले थी आज उससे कहीं ज्यादा है।
उन्होंने आगे कहा कि इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड पर चर्चा चल रही है। क्षमता बढ़ाने के लिहाज से राफेल और एलसीए के बाद हमने दो-तीन बड़े कदम उठाए हैं उसमें एएमसीए का सबसे बड़ा है। पांचवीं पीढ़ी का एयरक्राफ्ट जो देश में बनेगा उसका निर्णय ले लिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह मुख्य रूप से हमारे पड़ोस और अन्य क्षेत्रों में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के अलावा हमारे सामने मौजूद अभूतपूर्व और तेजी से बदल रहीं सुरक्षा चुनौतियों के कारण है। भदौरिया ने कहा कि पिछले कुछ दशकों ने हर संघर्ष में जीत हासिल करने में वायु शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका स्पष्ट रूप से स्थापित की है और इसी के मद्देनजनर भारतीय वायुसेना की क्षमता में जारी वृद्धि काफी महत्व रखती है।
इससे पहले, वायुसेना प्रमुख ने परेड की समीक्षा की। उन्होंने कोविड-19 महामारी के खिलाफ राष्ट्रीय लड़ाई में वायुसेना की महत्वपूर्ण भूमिका का भी जिक्र किया।