शहरी विकास को रफ्तार, केंद्र ने एक साल में मंजूर किए 27,72,380 करोड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहरी विकास को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने बीते एक साल में 27,72,380 करोड़ रुपये निवेश को मंजूरी दी है। यह रकम स्मार्ट सिटी, स्वच्छ भारत, अमृत मिशन समेत दूसरी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं पर खर्च होगी। केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू को उम्मीद है कि अगले दो सालों में शहरी विकास का केंद्र का सपना हकीकत बनेगा। इससे शहर में रहने वाले लोगों की जिंदगी सहूलियत भरी हो जाएगी।
दरअसल, केंद्र सरकार ने पिछले एक साल में शहरी विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की है। इसके जरिए कोशिश शहरी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार करने की है। वहीं, शहरी आवास मुहैया कराना भी सरकार का बड़ा मकसद है।
अधिकारियों की मानें तो पहले शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता व उसका वित्तीय प्रबंधन काफी लचर था। बीते एक साल में इस दिशा में कारगर ढंग से काम किया गया। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि शहरी विकास में पारदर्शिता लाने के लिए शहरों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का बढ़ावा दिया गया।
वहीं, वित्तीय प्रबंधन के लिए स्थानीय शहरी निकायों को कई स्तर पर छूट दी गई। बड़ी कोशिश यह रही कि निकाय स्थानीय स्तर पर निवेश की रकम जुटाएं। इसके लिए कुछ प्रावधानों के साथ उन्हें बॉड जारी करने की सुविधा दी गई, जबकि सुधारों को भी प्रोत्साहन दिया गया।
साथ ही केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए निवेश को प्राथमिकता पर रखा गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिर्फ एक साल में केंद्र सरकार ने 27,72,380 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
केंद्र सरकार की शहरी विकास से जुड़ी बड़ी योजनाएं
-स्मार्ट सिटी मिशन : 20 शहरों को 100-100 करोड़ रुपये का निवेश मंजूर। दूसरे बीस शहरों के लिए 50 करोड़ रुपये, जबकि 5,768 करोड़ रुपये के 87 प्रोजेक्ट पर चल रहा है काम।
स्मार्ट शहरों की क्रेडिट रेटिंग से रकम जुटाने का लक्ष्य। 87 शहरों की रेटिंग का काम पूरा। जनवरी से दिसंबर के बीच 1,32,197 करोड़ रुपये मंजूर।
-अमृत मिशन : 115 शहरों में 6,346 करोड़ रुपये के पेयजल व सीवेज नेटवर्क के विस्तार से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू। मिशन के तहत अभी तक 30,657 करोड़ रुपये की मंजूरी। 200 करोड़ रुपये से हृदय मिशन लांच।
-लखनऊ, चेन्नई व पुणे मेट्रो के लिए 22,118 करोड़ रुपये स्वीकृत।
-स्वच्छ भारत मिशन : 482 शहर हुए खुले में शौचालय से मुक्त। मिशन के लक्ष्य के करीब 50 फीसदी शौचालय का हुआ निर्माण।
-शहरों में 9 लाख आवास को मिली मंजूरी, तीन लाख बनकर तैयार।