सांसदों से बोले राष्ट्रपति, भगवान के लिए अपना काम कीजिए
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संसद की कार्यवाही में लगातार अवरोध किसी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। प्रणब मुखर्जी ने प्रधानमंत्री से गुजारिश की है कि वह जनहित से जुड़े मामले पर बहस और चर्चा संसद में करें।
गौरतलब है कि बुधवार को लोकसभा में लगातार गतिरोध पर बिफड़े भाजपा के वरिष्ठतम नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भी सरकार, विपक्ष और स्पीकर पर सवाल खड़ा कर दिया था। 16 नवंबर से शुरु हुआ शीतकालीन सत्र नोटबंदी पर सरकार और विपक्ष के अड़ियल रुख के चलते पूरी तरह ठप्प पड़ा हुआ है।
'धरना कहीं और जा कर दें और सदन को चलने दें'
बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति ने डीआरडीओ में आयोजित डिफेंस स्टेट डे लेक्चर में नोटबंदी पर विपक्ष और सरकार के अलग अलग रुख को पूरी तरह खारिज कर दिया। बिना किसी का पक्ष लेते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भगवान के लिए सांसद अपना काम करें। सांसदों की जिम्मेदारी सदन की कार्यवाही चलाना है और गतिरोध किसी भी कीमत पर मान्य नहीं है।
राष्ट्रपति के मुताबिक सांसदों का अधिकार बहस करना है ना कि गतिरोध पैदा करना। जनता सांसदों को देश के कामकाज के लिए चुन कर भेजती है। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें यह चिंता है कि सदन में गतिरोध पैदा करना चलन बन गया है। उन्होंने सांसदों को हिदायत दी कि वह धरना कहीं और जा कर दें और सदन को चलने दें।