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NMC: पहली बार एमबीबीएस में एक लाख से ज्यादा छात्रों का दाखिला, एनएमसी ने शुरू की समीक्षा
Sat, 13 Jan 2024 07:26 AM IST
यशोधन शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Sat, 13 Jan 2024 07:26 AM IST
सार
एनएमसी के यूजीएमईबी के निदेशक डॉ. शंभु शरण कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष एमबीबीएस कोर्स को लेकर नए दिशा निर्देश लागू किए गए, जिसके तहत कोई भी कॉलेज या छात्र मनमानी से प्रवेश हासिल नहीं कर सकता है।
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NMC - National Medical Commission
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
देश में पहली बार एमबीबीएस के लिए एक लाख से ज्यादा छात्रों का प्रवेश हुआ है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने 700 से ज्यादा मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले कुल 1,04,891 छात्रों की सूची तैयार की है। साथ ही एनएमसी ने इन सभी छात्रों के आवेदन की समीक्षा भी शुरू कर दी है। आयोग का कहना है कि अगर किसी छात्र ने काउंसलिंग में हिस्सा नहीं लिया है और उनका नाम सूची में है तो उसे तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा।
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एनएमसी के यूजीएमईबी के निदेशक डॉ. शंभु शरण कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष एमबीबीएस कोर्स को लेकर नए दिशा निर्देश लागू किए गए, जिसके तहत कोई भी कॉलेज या छात्र मनमानी से प्रवेश हासिल नहीं कर सकता है। सभी प्रवेश बकायदा नियमों के तहत काउंसलिंग के जरिये ही हो सकते हैं।
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कॉलेजों की जानकारी परखेगा आयोग
इस वर्ष पहली बार एक लाख से ज्यादा छात्रों के प्रवेश हुए हैं जिनकी सूची तैयार है। इन सभी आवेदन की समीक्षा की जा रही है। इनमें से यह देखा जा रहा है कि कहीं किसी ने सीधे तौर पर प्रवेश नहीं पाया है। इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रबंधक को पत्र लिख 10 दिन के अंदर जानकारी देने के लिए कहा है। कॉलेजों की इसी जानकारी को आयोग अपनी सूची के साथ मिलान करेगा और इसमें किसी छात्र को संदिग्ध पाया गया तो उसका प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि आखिरी बार सबसे ज्यादा 92 हजार सीटों पर प्रवेश पिछले वर्ष हुआ था। अब नए मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर 1.04 लाख सीट पर प्रवेश हुए हैं जो कि अगले वर्ष 1.10 लाख तक पहुंच सकते हैं। एमबीबीएस का यह आंकड़ा अन्य देशों की तुलना में काफी ज्यादा है।
मेडिकल कॉलेजों को चेयरमैन के नाम से पहुंच रहा फोन
हैलो...मैं एनएमसी का चेयरमैन हूं, डॉ. गंगाधर। यह आवाज देश के कुछ चुनिंदा मेडिकल कॉलेजों के प्रबंधकों को सुनाई दी जिनके बारे में पता चलने के बाद राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) भी हैरान है। शुक्रवार को एनएमसी ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि एक व्यक्ति जिसके पास 9062719187 मोबाइल नंबर है, वह स्वयं को एनएमसी का अध्यक्ष डॉ. बी.एन. गंगाधर बता रहा है जबकि यह मोबाइल नंबर डॉ. बी.एन. गंगाधर का नहीं है।
जनता को सलाह दी जाती है कि वे उस व्यक्ति के साथ किसी भी बातचीत में शामिल न हों जो मोबाइल नंबर 9062719187 से कॉल करते हुए खुद को डॉ. बी.एन. गंगाधर होने का दावा कर रहा हो। अगर कोई ऐसी बातचीत पर संज्ञान लेता है या उसे अमल में लाता है तो यह उसका स्वयं का जोखिम होगा।