बिहार और असम में बाढ़ का कहर जारी, अबतक 144 लोगों की मौत, सेना ने संभाला मोर्चा
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बिहार और असम में जारी बाढ़ के कहर में अबतक 144 लोगों की जानें जा चुकी है। बिहार में बाढ़ से अबतक 97 और असम में 47 लोगों की मौत हो चुकी है। गांव से लेकर शहरी क्षेत्रों तक बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तीन लाख से ज्यादा पीड़ित परिवारों के लिए 180 करोड़ की सहायता राशि मुहैया कराई है। वहीं, असम में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सेना उतारी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए हर संभव मदद करने की बात कही है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को बताया कि बिहार में बाढ़ से पांच और लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या 97 हुई।
बिहार में बाढ़ से अब तक 97 की मौत
बिहार में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 97 तक पहुंच गई है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने करीब 3.02 लाख बाढ़ पीड़ित परिवारों के खाते में डीबीटीएल के माध्यम से सीधे सहायता राशि के तौर पर 180 करोड़ रुपये पहुंचा दिए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि राज्य सीतामढ़ी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है। गौरतलब है कि राज्य के 12 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।
दरभंगा जिला के करजापट्टी गांव में लोगों ने बाढ़ का पानी रोकने के लिए बालू भरे बोरे और बांस की मदद ली है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन उनकी मदद के लिए कुछ नहीं कर रहा है। ऐसे में वे खुद ही पानी रोकने का प्रयास कर रहे हैं। तटबंध कमजोर हैं, अगर टूट गया, तो पूरा गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएगा और लोगों का जीना मुश्किल हो जाएगा।
Bihar: Residents of Karjapatti village in Darbhanga dist are stopping water from entering their village using bamboo stems&sand bags, on their own. Say "We're doing this on our own as admn isn't doing anything. Embankment is weak at places, if they break, village will be flooded" pic.twitter.com/IU2hSoOok7
— ANI (@ANI) July 19, 2019
गौशाला में बाढ़, गायों को कहां ले जाएं!
मधुबनी के मारवा गांव में श्रीराम जानकी मठ गौशाला भी बाढ़ की चपेट में है। यहां लगभग 500 गायें हैं। ये गायें या तो परित्यक्त कर दी गई हैं या फिर रेस्क्यू कर लाई हुई हैं। बाढ़ आने से जान पर आफत बन आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंचलाधिकारी और अन्य अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन मदद नहीं मिली है। 500 गायों को आखिर कहां ले जाएं? यह संभव नहीं है।
Bihar: 'Sri Ram Janki Math gaushala', in Madhubani's Marwa village, which houses around 500 abandoned&rescued cows is flooded. Locals say "We spoke to Circle Officer&other officers but haven't received help. Can't take 500 cows anywhere else,it'll cause traffic congestion."(19.7) pic.twitter.com/JUpVPSjbsO
— ANI (@ANI) July 19, 2019
पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ के बीच भूकंप का झटका
पूर्वोत्तर राज्यों में शुक्रवार को बाढ़ के बीच भूकंप ने लोगों को परेशान किया। मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में कुछ ही मिनटों में रिक्टर पैमाने पर 5.6, 3.8 और 4.9 की तीव्रता वाले तीन भूकंप से लोग दहल उठे। पहला झटका दिन में 2:52 मिनट पर महसूस किया गया।
भूकंप के झटके अरुणाचल के अलावा असम और नगालैंड में भी महसूस किए गए। अधिकारियों ने बताया कि इससे किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। भूकंप का केंद्र अरुणाचल के कामेंग जिले में जमीन के 10 किमी नीचे था।
पीएम मोदी से मिले सांसद, मिला मदद का आश्वासन
असम भाजपा के 10 सांसदों ने प्रधानमंत्री को बाढ़ के हालात से अवगत कराया और वित्तीय मदद देने की गुहार लगाई। मंगलदोई के सांसद दिलीप सैकिया ने बैठक के बाद बताया कि प्रधानमंत्री ने दल की बात को धैर्यपूर्वक सुना और राज्य को सभी जरूरी केंद्रीय मदद देने का भरोसा दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें राज्य में हर साल बाढ़ से सड़कों, घरों और फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए विशेष पैकेज घोषित करने की मांग की। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
सैकिया ने कहा कि अभी बाढ़ से प्रभावित 1.11 लाख लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है। राज्य में भयावह से 54 लाख लोग विस्थापित हो गए हैं और जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। एक सिंग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध काजीरंगा नेशनल पार्क और पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य लगातार बाढ़ में डूबा हुआ है।