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Karnataka: हुग्याम वन क्षेत्र में जहर से हुई थी पांच बाघों की मौत, गाय का शव मिलने का पुख्ता हुआ शक; जांच शुरू

Fri, 27 Jun 2025 02:15 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: बशु जैन Updated Fri, 27 Jun 2025 02:15 PM IST
सार

कर्नाटक के महादेश्वर हिल्स के हुग्याम वन क्षेत्र में गुरुवार को पांच बाघ मृत पाए गए थे। इसके बाद शुक्रवार को एक गाय का कई दिन पुराना शव मिला। कर्नाटक के वन मंत्री ने कहा कि हो सकता है मवेशियों को जहर दे दिया हो, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।

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Five tigers died due to poison in karnataka forest, finding dead body of a cow; investigation started
बाघ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कर्नाटक के हुग्याम वन क्षेत्र में पांच बाघों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जंगल में शुक्रवार को एक गाय का शव मिलने के बाद सामने आया है कि बाघिन और उसके चार शावकों की मौत जहर से हुई है। आशंका जताई जा रही है कि  बदमाशों ने गाय को जहर दे दिया था और उसे खाने के बाद बाघिन और उसके शावकों की मौत हो गई होगी। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
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कर्नाटक के महादेश्वर हिल्स के हुग्याम वन क्षेत्र में गुरुवार को पांच बाघ मृत पाए गए थे। इसके बाद शुक्रवार को एक गाय का कई दिन पुराना शव मिला। अधिकारियों का कहना है कि या तो गाय को जंगल में छोड़ने से पहले जहर दिया गया था या फिर मवेशी के मालिक ने मृत गाय को देखने के बाद उसके शरीर पर जहर फैला दिया होगा। जिसे बाघिन और उसके शावकों ने खा लिया और उनकी मौत हो गई।
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कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खांडरे ने कहा कि हो सकता है कि किसी ने मवेशियों को जहर दे दिया हो, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। सरकार ने मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और हम सभी एंगल से इसकी जांच करेंगे। हम इसके पीछे जिम्मेदार लोगों को नहीं बख्शेंगे। वहीं वन अधिकारियों का कहना है कि बाघिन का पोस्टमार्टम गुरुवार को ही कर दिया गया था, जबकि चार शावकों का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जा रहा है। सुबह की नियमित गश्त के दौरान कर्मचारियों को बाघिन और उसके शावक मृत मिले।
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एनटीसीए की टम ने किया शव का परीक्षण
गुरुवार को विशेषज्ञों की पांच सदस्यीय टीम ने एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शवों का परीक्षण किया। ऊतक, रक्त और पेट के नमूनों को विष विज्ञान, ऊतकविकृति विज्ञान और डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए संसाधित किया जा रहा है। घटना के बाद वन विभाग ने हुग्याम रेंज में निगरानी और शिकार विरोधी सतर्कता बढ़ा दी है।


अफसरों ने कहा कि पूरे क्षेत्र में रियल टाइम ड्रोन निगरानी, इन्फ्रारेड कैमरे और जीपीएस आधारित एम-स्ट्राइप्स गश्त बढ़ा दी गई है। सभी अवैध शिकार विरोधी शिविर (एपीसी) हाई अलर्ट पर हैं। भारत में बाघों, सह-शिकारियों और शिकार की स्थिति 2022 रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक में 563 बाघों के साथ देश में बाघों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या है, जबकि मध्य प्रदेश में 785 बाघ हैं। यह रिपोर्ट राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा जारी की गई।
 
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