कामयाबी जीत की:..भारतीय सेना के नए ब्रांचों में पांच महिला अधिकारी बनीं कर्नल, पहले दो कोर में ही थी इजाजत
भारतीय सेना में महिला अधिकारी अभी तक दो ब्रांच में ही कर्नल बन सकती थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महिला अधिकारी अब उन सभी ब्रांच में परमानेंट कमिशन पा सकती हैं, जिनमें वह शॉर्ट सर्विस कमिशन के तहत आई हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पहली बार महिला अधिकारी लीगल ब्रांच (जज एंड एडवोकेट जनरल) और एजुकेशन कोर के अलावा अन्य ब्रांच में भी कर्नल या इससे ऊपर रैंक तक पहुंच सकती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय सेना में पहली बार महिला अधिकारी लीगल और एजुकेशन ब्रांच के अलावा दूसरी ब्रांच में भी कर्नल बनेंगी। सेना के प्रमोशन बोर्ड ने पांच महिला अधिकारियों को कर्नल रैंक पर पदोन्नति का रास्ता साफ कर दिया है। रक्षा मंत्रालय ने समाचार एजेंसी को यह जानकारी दी है।
कर्नल टाइम स्केल रैंक के लिए चुनी गई पांच महिला अधिकारियों में कोर ऑफ सिग्नल से लेफ्टिनेंट कर्नल संगीता सरदाना, ईएमई कोर से लेफ्टिनेंट कर्नल सोनिया आनंद और लेफ्टिनेंट कर्नल नवनीत दुग्गल और कोर ऑफ इंजीनियर्स से लेफ्टिनेंट कर्नल रीनू खन्ना और लेफ्टिनेंट कर्नल रिचा सागर शामिल हैं। सेना में कर्नल बनने से पहले किसी भी अधिकारी को जूनियर कमांड कोर्स करना जरूरी है। इसके बिना उनका सिलेक्शन नहीं हो सकता। सूत्रों के मुताबिक, कुछ महिला अधिकारियों ने यह कोर्स पहले किया है।
For 1st-time women officers serving with Corps of Signals, Corps of Electronic&Mechanical Engineers & Corps of Engineers approved to Colonel rank. Previously, promotion to the rank was applicable for women officers in Army Medical Corps, Judge Adv Gen & Army Education Corps: MoD
— ANI (@ANI) August 23, 2021
अभी तक इन दो ब्रांचों में ही महिलाएं बनती थीं कर्नल
भारतीय सेना में अभी तक महिला अधिकारी दो ब्रांचों में ही कर्नल बनती थीं। एक लीगल ब्रांच (जज एंड एडवोकेट जनरल) और दूसरा एजुकेशन कोर में ही कर्नल या इससे ऊपर रैंक तक पहुंच सकती थी। इन्हीं दो ब्रांच में महिला अधिकारियों के लिए परमानेंट कमिशन था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महिला अधिकारी उन सभी ब्रांच में परमानेंट कमिशन पा सकती हैं, जिनमें वह शॉर्ट सर्विस कमिशन के तहत आई हैं।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पहली बार महिला अधिकारी लीगल ब्रांच (जज एंड एडवोकेट जनरल) और एजुकेशन कोर के अलावा अन्य ब्रांच में भी कर्नल या इससे ऊपर रैंक तक पहुंच सकती है। कोर ऑफ सिग्नल से एक महिला अधिकारी कर्नल बनी हैं। वहीं, ईएमई कोर से दो महिला अधिकारियों की पदोन्नति हुई है और कोर ऑफ इंजीनियर्स से भी दो महिला अधिकारी इस रैंक पर पहुंची हैं।