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First Look of Bullet Train: देश की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक आई सामने, 280किमी/घंटे की रफ्तार का सपना साकार
Mon, 18 May 2026 09:09 PM IST
Pavan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Mon, 18 May 2026 09:09 PM IST
सार
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। रेलवे मंत्रालय ने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की पहली झलक रेल भवन में प्रदर्शित की है। 508 किलोमीटर लंबी यह परियोजना जापान की तकनीकी और आर्थिक मदद से तैयार हो रही है।रेलवे को उम्मीद है कि सूरत-बिलिमोरा सेक्शन पर जल्द बुलेट ट्रेन दौड़ सकती है। यह परियोजना भारत को हाई स्पीड रेल तकनीक में नई पहचान देगी।
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बुलेट ट्रेन की पहली झलक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर बड़ी तस्वीर सामने आई है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (एमएएचएसआर) की पहली झलक अब रेल मंत्रालय के दफ्तर में दिखाई देने लगी है। रेलवे मंत्रालय ने बुलेट ट्रेन की तस्वीर को नई दिल्ली स्थित रेल भवन के गेट नंबर-4 पर लगाया है। इसे भारत की हाई स्पीड रेल परियोजना की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जापान के सहयोग से बनाया जा रहा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर
यह 508 किलोमीटर लंबा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत और जापान के सहयोग से बनाया जा रहा है। परियोजना को जापान सरकार की तकनीकी और आर्थिक मदद मिल रही है। यह ट्रेन महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगी। इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं।
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इसी साल सूरत और बिलिमोरा के बीच दौड़गी ट्रेन
रेल मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि इस साल सूरत और बिलिमोरा के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन चलाने की शुरुआत हो सकती है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया था कि 12 में से 8 स्टेशनों की नींव का काम पूरा हो चुका है। इनमें वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती स्टेशन शामिल हैं। परियोजना के तहत अब तक 17 नदी पुल पूरे किए जा चुके हैं। वहीं नर्मदा, माही, ताप्ती और साबरमती जैसी बड़ी नदियों पर पुलों का काम तेजी से चल रहा है। महाराष्ट्र में भी कई नदी पुलों पर निर्माण जारी है। इसके अलावा ठाणे, सूरत और साबरमती में डिपो बनाने का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बीकेसी स्टेशन का निर्माण भी तेजी जारी
मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स यानी बीकेसी स्टेशन का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। रेलवे के मुताबिक खुदाई का करीब 91 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अंडर-सी टनल यानी समुद्र के नीचे बनने वाली सुरंग का काम भी शुरू हो गया है। यह सुरंग लगभग 21 किलोमीटर लंबी होगी। इसमें महाराष्ट्र के घनसोली और शिलफाटा के बीच करीब 4.8 किलोमीटर सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है। वंदे भारत ट्रेन की सफलता के बाद अब इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड मिलकर 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हाई स्पीड ट्रेन तैयार कर रहे हैं।
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भारत को हाई स्पीड रेल तकनीक में मिलेगी विशेषज्ञता
रेलवे का कहना है कि इस परियोजना से भारत को हाई स्पीड रेल तकनीक में बड़ी विशेषज्ञता मिलेगी। ट्रैक निर्माण, आधुनिक सिग्नलिंग, ट्रेन निर्माण और रखरखाव जैसी तकनीकों में देश मजबूत होगा। इसके साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत भारत में ही हाई स्पीड ट्रेनें बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण कानून के अनुसार किया गया है और प्रभावित लोगों को मुआवजा भी दिया गया है। रेलवे को उम्मीद है कि बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद भारत में यात्रा का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा और भविष्य में कई नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर तैयार करने का रास्ता खुलेगा।
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जापान के सहयोग से बनाया जा रहा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर
यह 508 किलोमीटर लंबा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत और जापान के सहयोग से बनाया जा रहा है। परियोजना को जापान सरकार की तकनीकी और आर्थिक मदद मिल रही है। यह ट्रेन महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगी। इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं।
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इसी साल सूरत और बिलिमोरा के बीच दौड़गी ट्रेन
रेल मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि इस साल सूरत और बिलिमोरा के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन चलाने की शुरुआत हो सकती है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया था कि 12 में से 8 स्टेशनों की नींव का काम पूरा हो चुका है। इनमें वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती स्टेशन शामिल हैं। परियोजना के तहत अब तक 17 नदी पुल पूरे किए जा चुके हैं। वहीं नर्मदा, माही, ताप्ती और साबरमती जैसी बड़ी नदियों पर पुलों का काम तेजी से चल रहा है। महाराष्ट्र में भी कई नदी पुलों पर निर्माण जारी है। इसके अलावा ठाणे, सूरत और साबरमती में डिपो बनाने का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बीकेसी स्टेशन का निर्माण भी तेजी जारी
मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स यानी बीकेसी स्टेशन का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। रेलवे के मुताबिक खुदाई का करीब 91 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अंडर-सी टनल यानी समुद्र के नीचे बनने वाली सुरंग का काम भी शुरू हो गया है। यह सुरंग लगभग 21 किलोमीटर लंबी होगी। इसमें महाराष्ट्र के घनसोली और शिलफाटा के बीच करीब 4.8 किलोमीटर सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है। वंदे भारत ट्रेन की सफलता के बाद अब इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड मिलकर 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हाई स्पीड ट्रेन तैयार कर रहे हैं।
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भारत को हाई स्पीड रेल तकनीक में मिलेगी विशेषज्ञता
रेलवे का कहना है कि इस परियोजना से भारत को हाई स्पीड रेल तकनीक में बड़ी विशेषज्ञता मिलेगी। ट्रैक निर्माण, आधुनिक सिग्नलिंग, ट्रेन निर्माण और रखरखाव जैसी तकनीकों में देश मजबूत होगा। इसके साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत भारत में ही हाई स्पीड ट्रेनें बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण कानून के अनुसार किया गया है और प्रभावित लोगों को मुआवजा भी दिया गया है। रेलवे को उम्मीद है कि बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद भारत में यात्रा का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा और भविष्य में कई नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर तैयार करने का रास्ता खुलेगा।