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नोटबंदी की वर्षगांठ: साझे विरोध की रणनीति के लिए विपक्ष की बैठक आज

Mon, 23 Oct 2017 12:55 PM IST
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 23 Oct 2017 12:55 PM IST
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 first anniversary of demonetisation: opposition planning to critisize govt on GST and noteban

नोटबंदी और जीएसटी के मुद्दों को लेकर विपक्ष अपनी एकजुटता दिखाते हुए सरकार के खिलाफ साझे हमले के मूड में है। नोटबंदी की वर्षगांठ पर विरोध का रोडमैप बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने 23 अक्तूबर को विपक्ष के प्रमुख दलों की एक अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक दोपहर 3 बजे संसद भवन परिसर में आयोजित होगी। इसमें नोटबंदी की वर्षगांठ पर विपक्ष की ओर से बड़े आयोजन की रूपरेखा बनेगी। 

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कांग्रेस की पहल पर जुटेंगे विपक्ष के दल
आजाद ने इस बैठक में विपक्ष के सभी दलों को बुलाने के बजाय कुछ प्रमुख दल के नेताओं को बुलाया है। बताया जा रहा है कि विपक्ष की एकजुटता बरकरार रखने और सरकार के खिलाफ हमले की रणनीति बनाने के लिए विपक्ष के 6 दलों के नेताओं का एक कोर समूह बनाया गया है। यह बैठक उसी कोर समूह की है। कांग्रेस के अलावा इस समूह में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस, जदयू, वाम और द्रमुक के प्रतिनिधि शामिल हैं।
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पढ़ें: GST और नोटबंदी को लेकर शिवसेना ने बोला पीएम मोदी पर हमला
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8 नवंबर को है नोटबंदी की वर्षगांठ 
दरअसल, पिछले वर्ष 2016 में 8 नवंबर को पीएम मोदी ने सबको चौंकाते हुए 500 और 1000 के पुराने नोटों का चलन बंद करते हुए उन्हें अवैध करार दे दिया था। अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह कदम बहुत बड़ा था। सरकार ने इस कदम को भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान का हिस्सा करार दिया था। लेकिन नोटबंदी के आंकड़े सार्वजनिक होने और अर्थव्यवस्था पर इसके पड़े नकारात्मक प्रभावों के बाद से पीएम मोदी के इस साहसी कदम पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। हालांकि सरकार की ओर से अब भी इस कदम का बचाव किया जा रहा है।

जबकि देश-दुनिया के तमाम अर्थशास्त्री पीएम मोदी के नोटबंदी पर सवाल उठा चुके हैं। यही नहीं नोटबंदी के बाद सरकार ने कर सुधार के नाम पर जीएसटी को लागू किया है। जिसके वजह से व्यापारी वर्ग को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब चुनाव की बेला में सरकार पर दबाव बनाने का विपक्ष कोई मौका नहीं गंवाना चाहती है। इसलिए नोटबंदी के साथ जीएसटी के मुद्दे को लेकर वह सरकार के खिलाफ बड़ अभियान चलाने की रणनीति बनाने में जुट गई है।

संसद से सड़क तक सरकार की मुश्किलें बढ़ाएगा विपक्ष 

 first anniversary of demonetisation: opposition planning to critisize govt on GST and noteban

नोटबंदी और जीएसटी को लेकर जनता के बीच मोदी सरकार की सकारात्मक छवि बनने के संकेतों के बीच विपक्ष के हौसले बुलंद हैं। सरकार की मुश्किल यह है कि गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनावों के अलावा नवंबर में संसद का शीत सत्र भी शुरू होगा। जीएसटी पर सरकार खुद मान रही है कि इसमें कुछ खामियां हैं।

ऐसे में संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब देना सरकार के लिए मुश्किल बढ़ाने वाला कदम साबित हो रहा है। विपक्ष के प्रचार से जनता के बीच गलत छवि न बन जाए सरकार के रणनीतिकारों को इसका भी भय सता रहा है। खैर आने वाले दिनों में नोटबंदी और जीएसटी की सफलता और असफलता गिनाने की जंग सरकार और विपक्ष के बीच तेज जरूर होगी। विपक्षी दलों की बैठक बुलाकर कांग्रेस ने सरकार की किलेबंदी के संकेत तो दे ही दिए हैं। 

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