GST और नोटबंदी को लेकर शिवसेना ने बोला पीएम मोदी पर हमला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर हमला बोलते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उन पर ‘सत्ता का केंद्रीकरण’ करने का आरोप लगाया है। उद्धव ने नोटबंदी और जीएसटी के लिए भी पीएम की आलोचना की है। उनकी पार्टी केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में साझीदार है।
शिवसेना प्रमुख ने कहा, ‘सुधार जरूरी हैं लेकिन किसी को उसके असर की समीक्षा करने के लिए रुकना चाहिए। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ को दिए एक साक्षात्कार में उद्धव ने कहा, ‘सरकार के प्रचार को देखने से किसी को भी यह अहसास हो सकता है कि सब कुछ बहुत बढ़िया चल रहा है लेकिन किसी को जमीनी हकीकत का पता लगाना चाहिए।
जुलाई से लागू हुए वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी और इस पर शिवसेना का आपत्तियों पर उन्होंने कहा, हमें केंद्रीकृत और विकेंद्रीकृत में से क्या होना चाहिए? जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे तो उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था के जरिए स्वायत्तता की पहल की।
नरेंद्र मोदी ने इस स्वायत्तता को छीन लिया। वह सत्ता का केंद्रीकरण कर रहे हैं। ठाकरे ने कहा, अगर शासन सिर्फ प्रधानमंत्री की इच्छा पर निर्भर करता है तो क्या वास्तव में भारत एक लोकतंत्र है? क्या लोगों के नजरिये का कोई मोल है? सुधार जरूरी हैं, लेकिन समय-समय पर इन पर रोक भी लगाई जानी चाहिए और इनके असर की समीक्षा की जानी चाहिए।
उद्धव ने कहा, मैंने कहीं पढ़ा कि नोटबंदी के बाद चार महीनों में 15 लाख लोगों ने अपनी नौकरियां गंवा दीं। इसका अर्थ यह हुआ कि नोटबंदी से 60 लाख लोगों के परिवार प्रभावित हुए। ये केवल नोटबंदी से हुए। उनका क्या होगा जिनकी नौकरी जाने के लिए सरकार जिम्मेदार है।
केंद्र सरकार की रोजगार का सृजन करने के लिए शुरू की गई ‘स्टार्ट अप इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहलों का हवाला देते हुए उद्धव ने कहा कि कैसे कोई इन्हें नोटबंदी और उसके प्रभावों से जोड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार किसानों की कर्ज माफी योजना को ठीक से क्रियान्वित नहीं कर पाई तो शिवसेना उसे एक्सपोज करने से भी नहीं हिचकेगी।