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झील के किनारे लगी आग, धुंआ धुंआ हुआ बेंगलुरू
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 17 Feb 2017 04:42 PM IST
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बेंगलुरू में मौजूद बेंलदूर झील एक बार से सुर्खियों में है। बताया जा रहा है कि इस झील में अचानक से आग की लपटें उठने लगीं। आग के कारण झील के पास मौजूद कूड़े के ढ़ेर में आग लग गई। आग लगने से आसमान में काले और जहरीले धूंए के बादल छा गये। भारी प्रदूषण के कारण बेलंदूर झील हमेशा झाग निकलते रहते है।
इन झागों में आग लगने से आग सड़क तक आ गई। जिसके कारण आसपास के लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब झील के पानी में आग लगी है। इससे पहले भी कई बार झील में मौजूद झाग में आग लगती रही है। मगर इस बार पानी की आग कूड़े तक पहुंच गई।
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इन झागों में आग लगने से आग सड़क तक आ गई। जिसके कारण आसपास के लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब झील के पानी में आग लगी है। इससे पहले भी कई बार झील में मौजूद झाग में आग लगती रही है। मगर इस बार पानी की आग कूड़े तक पहुंच गई।
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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी किया नोटिस
गुरूवार शाम को आग लगने से सन सिटी अपार्टमेंट और पास के फ्लाईओवर पर काला धूंआ छा गया। कर्नाटक दमकल विभाग के उप निदेशक कुमार रमेश का कहना है कि कूड़े का ढ़ेर लगने से झील में अक्सर आग लग जाती है। मगर कल शाम आग लगने से आसपास को लोगों को और कार चालकों को बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वहीं इस पूरे मामले पर कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चैयरमेन लक्षण का कहना है कि महानगर पालिका, बेंगलुरु जल अपूर्ति, सीवेज बोर्ड और अन्य एजेंसियों को झील में कूड़ा न फैंकने के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदूषण बोर्ड उस क्षेत्र में मौजूद सीवेज प्लांट की भी छानबीन कर रहा है। इस आग पर वैज्ञानिकों का कहना है कि पानी में हर दिन बढ़ते प्रदूषण के कारण यह आग लगती है।
उनका कहना है कि झील के पास वेटलैंड होने के कारण भी प्रदूषण के लिए जरूरी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया है। साथ ही सरकार भी इसके लिए जरूरी काम नहीं कर रही है। इस कारण शहर में गंदगी रहती है और झील में प्रदूषण का स्तर सामान्य की बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
वहीं इस पूरे मामले पर कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चैयरमेन लक्षण का कहना है कि महानगर पालिका, बेंगलुरु जल अपूर्ति, सीवेज बोर्ड और अन्य एजेंसियों को झील में कूड़ा न फैंकने के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदूषण बोर्ड उस क्षेत्र में मौजूद सीवेज प्लांट की भी छानबीन कर रहा है। इस आग पर वैज्ञानिकों का कहना है कि पानी में हर दिन बढ़ते प्रदूषण के कारण यह आग लगती है।
उनका कहना है कि झील के पास वेटलैंड होने के कारण भी प्रदूषण के लिए जरूरी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया है। साथ ही सरकार भी इसके लिए जरूरी काम नहीं कर रही है। इस कारण शहर में गंदगी रहती है और झील में प्रदूषण का स्तर सामान्य की बहुत ज्यादा बढ़ गया है।