{"_id":"651fc28bf050e9f3830d9dc9","slug":"fire-broke-out-in-building-in-goregaon-mumbai-family-contemplated-jumping-out-of-window-to-escape-flames-2023-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरेगांव हादसा: 'सब डरावना था, खिड़की से कूदकर बचाई जान' इमारत में निकाले गए लोगों ने बयां किया डरावना मंजर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
गोरेगांव हादसा: 'सब डरावना था, खिड़की से कूदकर बचाई जान' इमारत में निकाले गए लोगों ने बयां किया डरावना मंजर
Fri, 06 Oct 2023 01:51 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 06 Oct 2023 01:51 PM IST
सार
सात मंजिला इमारत के तीसरे मंजिल में रहने वाली एक महिला ने बताया कि आग के कारण रात के करीब 2:30-3:00 बजे बाहर हंगामा होने के बाद उन्हें घटना की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के नौ सदस्यों ने सीढ़ियों से बचकर निकलने की कोशिश की।
विज्ञापन
गोरेगाांव की इमारत में लगी आग
- फोटो : Social Media
विस्तार
मुंबई के गोरेगांव में शुक्रवार को एक इमारत में भीषण आग लगने के कारण सात लोगों की मौत हो गई। इमारत में रह रहे लोग जान बचाने के लिए अपने घरों की खिड़कियों से भी कूद गए। इस हादसे का जिक्र करते हुए इमारत के निवासियों ने अपना अनुभव साझा किया है।
लोगों ने बयां किया डरावना मंजर
मीडिया से बात करते हुए एक 30 वर्षीय महिला ने बताया कि उसे और उनके परिवारवालों को दमकल दल ने बचाया है, लेकिन एक घंटे पहले तक सबकुछ अंधेरा और डरावना था। उन्होंने बताया कि वे अपने घरों में फंस गए थे और ठीक से सांस भी नहीं ले पा रहे थे। महिला ने कहा, 'मुझे किडनी से संबंधित बीमारी है, जिस वजह से परिवारवाले मुझे लेकर ज्यादा परेशान थे।' उन्होंने आगे बताया कि दमकल अधिकारियों द्वारा बचाए गए लोगों में छोटे बच्चे भी शामिल थे, जो काफी ज्यादा डरे हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि वे करीबन 30 लोगों को बचा चुके हैं।
एक अन्य महिला ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'आग रात के करीब 2:30 बजे ग्राउंड फ्लोर पर उस समय सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे। जैसे ही आग इमारत में लगी, लोगों ने महसूस किया कि वे अब खतरे में हैं।'
विज्ञापन
इमारत में रहने वाले एक निवासी ने बताया कि उन्होंने रात के करीब 3 बजे उन्होंने एक धमाका सुना, जिसके बाद वे अपने परिवार के साथ सीढ़ियों से नीचे भागने लगे। इस दौरान अन्य लोगों को इस हादसे के बारे में बताने के लिए सभी के दरवाजे भी खटखटाए और इमारत से बाहर निकलने में कामयाब हुए। सात मंजिला इमारत के तीसरे मंजिल में रहने वाली एक महिला ने बताया कि आग के कारण रात के करीब 2:30-3:00 बजे बाहर हंगामा होने के बाद उन्हें घटना की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के नौ सदस्यों ने सीढ़ियों से बचकर निकलने की कोशिश की। नीचे जाने के दौरान उनके बेटे के हाथ में चोट भी लगी।
विज्ञापन
लोगों ने बयां किया डरावना मंजर
मीडिया से बात करते हुए एक 30 वर्षीय महिला ने बताया कि उसे और उनके परिवारवालों को दमकल दल ने बचाया है, लेकिन एक घंटे पहले तक सबकुछ अंधेरा और डरावना था। उन्होंने बताया कि वे अपने घरों में फंस गए थे और ठीक से सांस भी नहीं ले पा रहे थे। महिला ने कहा, 'मुझे किडनी से संबंधित बीमारी है, जिस वजह से परिवारवाले मुझे लेकर ज्यादा परेशान थे।' उन्होंने आगे बताया कि दमकल अधिकारियों द्वारा बचाए गए लोगों में छोटे बच्चे भी शामिल थे, जो काफी ज्यादा डरे हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि वे करीबन 30 लोगों को बचा चुके हैं।
विज्ञापन
एक अन्य महिला ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'आग रात के करीब 2:30 बजे ग्राउंड फ्लोर पर उस समय सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे। जैसे ही आग इमारत में लगी, लोगों ने महसूस किया कि वे अब खतरे में हैं।'
विज्ञापन
इमारत में रहने वाले एक निवासी ने बताया कि उन्होंने रात के करीब 3 बजे उन्होंने एक धमाका सुना, जिसके बाद वे अपने परिवार के साथ सीढ़ियों से नीचे भागने लगे। इस दौरान अन्य लोगों को इस हादसे के बारे में बताने के लिए सभी के दरवाजे भी खटखटाए और इमारत से बाहर निकलने में कामयाब हुए। सात मंजिला इमारत के तीसरे मंजिल में रहने वाली एक महिला ने बताया कि आग के कारण रात के करीब 2:30-3:00 बजे बाहर हंगामा होने के बाद उन्हें घटना की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के नौ सदस्यों ने सीढ़ियों से बचकर निकलने की कोशिश की। नीचे जाने के दौरान उनके बेटे के हाथ में चोट भी लगी।