ममता बनर्जी के खिलाफ FIR, केंद्र पर बंगालियों को खदेड़ने की साजिश का लगाया था आरोप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ गुरुवार को असम पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के एडवोकेट तैलेंद्र नाथ दास की शिकायत के आधार पर पुलिस ने यह एफआईआर दर्ज की।
आरोप है कि सीएम बनर्जी ने असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के मुद्दे पर भड़काऊ भाषण दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार असम से बंगालियों को खदेड़ने की साजिश में जुटी है। यही नहीं सीएम ने केंद्र को चेतावनी भी दी थी कि उसे आग से नहीं खेलना चाहिए।
FIR lodged against West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee in Guwahati after complaint by advocate Tailendra Nath Das in connection with statement she made on Assam's National Register Of Citizens(NRC) pic.twitter.com/xK7ZRqQiP7
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 4, 2018
उन्होंने कहा था कि 'एनआरसी के पहले मसौदे से बंगालियों के नाम बाहर रख कर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार असम से उनको खदेड़ने की साजिश रच रही है।'
ध्यान रहे कि असम के मूल नागरिकों की पहचान के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में वर्ष 1951 में तैयार एनआरसी को अपडेट करने की कवायद चल रही है। इसका पहला मसौदा 31 दिसंबर की आधी रात को प्रकाशित किया गया है। पहले मसौदे में 3.29 करोड़ आवेदकों में से 1.9 करोड़ के नाम शामिल हैं।
बुधवार को आमोदपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि लोग रोजी-रोटी कमाने के लिए असम गए हैं। लेकिन एनआरसी के बहाने उनको वहां से खदेड़ने की योजना बन रही है।
ममता ने कहा कि सरकार को बांटों व राज करो की नीति का पालन नहीं करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह असम से 1.80 करोड़ लोगों को खदेड़ने की केंद्र सरकार की साजिश है।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि लोग रोजगार की तलाश में एक से दूसरे राज्य में जाते रहते हैं। धीरे-धीरे वे वहां बस जाते हैं। बंगाल में दूसरे राज्यों के लाखों लोग रहते और नौकरी करते हैं।
उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस आम लोगों के हित में आवाज उठाने वाली अकेली पार्टी है। ममता ने कहा कि पार्टी आम लोगों के हित में आवाज उठाती रहेगी और अगर उनके साथ कुछ गलत हुआ तो चुप नहीं बैठेंगी।