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Nirmala Sithraman: 'स्कूल-कॉलेज स्तर पर वित्तीय साक्षरता के बारे में पढ़ाया जाए', बोलीं केंद्रीय वित्त मंत्री

Fri, 29 Dec 2023 10:20 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 29 Dec 2023 10:20 PM IST
सार

Nirmala Sithraman: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्तीय साक्षरता के पाठ ऑनलाइन उपलब्ध हैं। लेकिन, इसे पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में स्कूलों और कॉलेजों में भी पढ़ाया जाना चाहिए।

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Financial literacy should be taught at school level, says FM Nirmala Sitharaman
निर्मला सीतारमण - फोटो : एक्स/निर्मला सीतारमण

विस्तार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को स्कूलों और कॉलेजों में वित्तीय साक्षरता की पढ़ाई की वकालत की। यहां एएम जैन कॉलेज में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान 'ट्रांसफोर्मिंग इंडिया इनटू द न्यू डेकेड' विषय पर उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता की शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है और इसे जल्दी शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने वर्तमान में इसे पाठ्यक्रम से बाहर पढ़ाया जा रहा है।

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उन्होंने कहा, 'आपके पास आरबीआई, सेबी जैसे संस्थान हैं और कुछ राष्ट्रीय सुरक्षा डिपॉजिटरी भी हैं। वित्तीय साक्षरता के पाठ ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं। लेकिन, इसे पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाया जाना चाहिए।' 

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एक सवाल के जवाब में सीतारमण ने जवाब दिया कि बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए कच्चे माल या मध्यस्थ उत्पादों के आयात में कोई नुकसान नहीं है, अगर उद्देश्य विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरना है। उन्होंने कहा, आदर्श रूप से तो मैं आयात से ज्यादा निर्यात करना चाहूंगी क्योंकि इससे आय होती है। लेकिन, अगर आयात धीरे-धीरे आपके निर्यात में सुधार करने जा रहा है,  तो क्यों नहीं। अगर आयात होता है, तो कभी-कभी यह अच्छा होता है।  

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रक्षा उत्पादन पर सीतारमण ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों के लिए जरूरी रक्षा उपकरणों के स्वदेशी विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए बजटीय प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, केंद्र ने यह सुनिश्चित किया कि एमएसएमई द्वारा बनाए गए उत्पादों को भारतीय सेना द्वारा प्रमाणित किया जाए, ताकि निर्यात को सुविधाजनक बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, 10 साल के लिए उत्पादों को खरीदने के लिए एक तंत्र भी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हवाला देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस साल 20 हजार करोड़ रुपये का रक्षा उपकरणों का निर्यात तीन महीने में 24 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि भारतीय रुपये में द्विपक्षीय व्यापार के लिए अफ्रीकी देशों, रूस और श्रीलंका के साथ बातचीत चल रही है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से नौकरियों के विस्थापित होने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि यह विभिन्न क्षेत्रों में चुनौतियों से निपटने के लिए कुशल जनशक्ति का मार्ग प्रशस्त करेगा। सीतारमण ने कहा, 'आपको एआई में विशेषज्ञता वाले लोगों की आवश्यकता है। एआई का इस्तेमाल करने के लिए आपको उन उपकरणों को विकसित करने की आवश्यकता है, जिनके साथ आप एआई की क्षमता का फायदा उठा सकते हैं। जाहिर है, यह आप छात्रों जैसे लोगों द्वारा किया जाएगा।'

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