बजट 2019: पीयूष गोयल बोले, मर्यादा में रहते हुए यथासंभव सब कुछ किया
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चुनाव पूर्व पेश किए गए अंतरिम बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने एक साक्षात्कार में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अरुण जेटली ने बजट का ज्यादातर हिस्सा तैयार कर रखा था। हमने तो बस इसे कागज पर उतारा।
वित्त मंत्रालय का कार्यवाहक प्रभार निभा रहे पीयूष गोयल ने कहा कि मर्यादा में रहते हुए देश की जनता के लिए सरकार जितना कर सकती थी, किया और यह अहम भी था। उन्होंने विपक्ष की ओर से इस बजट को चुनावी करार दिए जाने पर कांग्रेस की आलोचना की।
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान कांग्रेस द्वारा बजट को लोकलुभावन होने के आरोप पर उन्होंने पलटवार किया और कहा कि देश को सात दशक तक अंधेरे में रखने वाले लोग विकास की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसी में बैठे लोग छोटे किसानों की मुश्किलें नहीं समझ सकते।
उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं देखा है कि कठिनाइयों के बीच कैसे जिया जाता है। उनके दिल की जो संवेदना है, वो तो वही दिखा सकते हैं। हमने सिर्फ उनकी दिखाई दिशा को कागज और योजना में ढाला है।
उन्होंने कहा कि वास्तव में अंतरिम बजट की मर्यादा के अंदर देश और देशवासियों के विकास के लिए जितना कर सकते थे और जितना जनता तक पहुंचाना जरूरी था, हमने वही किया है।
आत्मनिर्भर होंगे किसान, मजदूरों को मिलेगा लाभ
उन्होंने कहा कि छोटे किसानों को सालाना 6000 रुपए देने की योजना से उन्हें इसका बड़ा फायदा मिलेगा। वे इस रकम से बीज खरीद सकेंगे, बिजली कनेक्शन ले सकेंगे, खेती से जुड़े अन्य खर्चों के लिए इसका इस्तेमाल कर पाएंगे। इस योजना के जरिए छोटे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि मध्यवर्ग को कर में छूट और किसानों की समस्याओं का समाधान जरूरी थी। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को वृद्धावस्था में पेंशन की व्यवस्था, सरकार की सोच के साथ मेल खाती है। इसका फायदा 10 करोड़ मजदूरों को मिलेगा।
70 सालों तक विकास से वंचित रहा देश
कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए गोयल ने कहा कि क्या आजादी के 70 साल बाद भी देश के लोगों को बैंक अकाउंट खोलने का अधिकार नहीं था? क्या देश के हर नागरिक को बिजली की सुविधा पाने का अधिकार नहीं था?
दुर्भाग्य की बात है कि कांग्रेस ने एक तो लोगों को दशकों तक विकास से वंचित रखा। जब कोई सरकार साफ नीयत के साथ काम कर रही है, तो वे उनकी आलोचना में व्यस्त हैं।