फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Film Padmavat will be released throughout the country

फिल्म पद्मावत पूरे देश में होगी रिलीज, कानून-व्यवस्था राज्यों की जिम्मेदारी

Wed, 24 Jan 2018 04:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Wed, 24 Jan 2018 04:27 AM IST
विज्ञापन
Film Padmavat will be released throughout the country
PADMAWATI_RAJPUTSENA
संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म ‘पद्मावत’ 25 जनवरी को पूरे भारतवर्ष में रिलीज होगी। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार की उस याचिका को ठुकरा दिया है जिसमें राज्य में फिल्म पर प्रतिबंध को हटाने केआदेश पर पुनर्विचार करने की गुहार की गई थी। शीर्ष अदालत ने राज्यों को आदेश का पालन करने के लिए कहा है।
विज्ञापन


चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने 18 जनवरी केआदेश में बदलाव करने से इनकार करते हुए कहा, ‘आखिर हम फिल्म पर प्रतिबंध कैसे लगा सकते हैं जबकि वैधानिक संस्थान केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड(सीबीएफसी) ने रिलीज केलिए हरी झंडी दे दी है। सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों उतरकर यह नहीं कह सकते कि वहां कानून व्यवस्था की समस्या है।’
विज्ञापन


इससे पहले राज्यों की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल(एएसजी) तुषार मेहता ने सिनेमेटोग्राफी एक्ट की धारा-छह का हवाला देते हुए कहा कि सरकार फिल्म केप्रमाणन को निलंबित कर सकती है। उन्होंने कहा कि अगर फिल्म पब्लिक ऑडर केखिलाफ है तो आग्रह पर विचार किया जाना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

हम अपने आदेश में बदलाव नहीं कर सकते

Film Padmavat will be released throughout the country
Padmawati Postar - फोटो : Padmawati Postar
​पीठ ने कहा, ‘हम अपने आदेश में बदलाव नहीं कर सकते। पहले हमारे आदेश का पालन किया जाए। अगर कोई समस्या आएगी तो हम देखेंगे।’ मेहता ने राज्यों में फिल्म को लेकर हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए पीठ को इस पर फिर से विचार करने के लिए कहा। 

लेकिन पीठ ने दोटूक कहा कि हर व्यक्ति को हमारे आदेश का पालन करना होगा। आप परेशानी खड़ी नहीं कर सकते और इस आधार पर आप आदेश में बदलाव का आधार नहीं बना सकते। लोग सड़कों पर उतरकर यह नहीं कह सकते कि कानून-व्यवस्था की परेशानी है, लिहाजा फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया जाए। 

ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए कि सेंसर बोर्ड से प्रमाण मिलने केबाद भी फिल्म केप्रदर्शन को पंगु बनाने की कोशिश हो। वहीं ऑल इंडिया क्षत्रिय महासभा की ओर से पेश वकील ने कहा कि लोगों की संवेदनाओं का ख्याल रखना चाहिए। फिल्म में इतिहास केसाथ तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि फिल्म केखिलाफ जवान भी अनशन कर चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed