{"_id":"5ff600b5dab7e165cd22d14a","slug":"fight-between-villagers-and-police-during-protests-over-proposed-iit-campus-in-goa","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोवा में प्रस्तावित आईआईटी परिसर को लेकर प्रदर्शन, ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प में कई घायल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
गोवा में प्रस्तावित आईआईटी परिसर को लेकर प्रदर्शन, ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प में कई घायल
Thu, 07 Jan 2021 12:03 AM IST
Kuldeep Singh
पीटीआई, पणजी
पीटीआई, पणजी
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 07 Jan 2021 12:03 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोवा में सत्तारी तहसील के शेल-मेलौली गांव में प्रस्तावित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) परिसर के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन ने बुधवार को हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और पुलिस ने इसके जवाब में उन पर लाठीचार्ज किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। शेल-मेलौली गांव के बाहर वन क्षेत्र में सुबह ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव में कम से कम 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
विज्ञापन
एक पुलिस अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, भीड़ ने राज्य भूमि सर्वेक्षण अधिकारियों को प्रस्तावित आईआईटी परियोजना के लिए सीमांकन कार्य जारी रखने से रोक दिया था। पणजी से लगभग 50 किलोमीटर दूर शेल-मेलौली और गुलेली गाँवों में 10 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में आईआईटी-गोवा का परिसर बनाने का प्रस्ताव है।
विज्ञापन
ग्रामीण इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनका कहना है कि इस परियोजना में उनकी कीमती जमीन छीन ली जाएगी। इस बीच गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार रात अपना रुख फिर दोहराते हुए कहा कि सरकार आईआईटी परियोजना को आगे बढ़ाएगी और हिंसा में शामिल लोगों को दंडित किया जाएगा।
विज्ञापन
मंगलवार को भूमि सर्वेक्षण अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शनों के बीच सीमांकन कार्य शुरू किया, जिसके चलते इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया। बुधवार सुबह, सैकड़ों ग्रामीण वन क्षेत्र में एकत्र हुए और उस जगह के प्रवेश स्थल पर मानव श्रृंखला बनाई जहाँ भूमि सर्वेक्षण अधिकारी आने वाले थे। इसके बाद उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई।
बाद में सैकड़ों ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन स्थल से लगभग 10 किलोमीटर दूर वालपोई शहर में एक सड़क को अवरुद्ध कर दिया। वे वालपोई थाने के निरीक्षक को निलंबित करने की मांग कर रहे थे।
पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, जिस तरह से ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला किया, वह हत्या के प्रयास जैसा है। राज्य सरकार लोगों के इस तरह के रवैये को बर्दाश्त नहीं कर सकती है। हम कानून के अनुसार जो भी आवश्यक होगा वह करेंगे।
सावंत ने कहा कि लोगों ने गलती की है क्योंकि उन्होंने कानून को अपने हाथों में ले लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, जिन लोगों ने कानून को हाथ में लिया है उन्हें दंडित किया जाएगा। सरकार परियोजना को आगे बढ़ाएगी। वालपोई में सड़क को अवरूद्ध किए जाने के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अधिकारी और डिप्टी कलेक्टर स्थिति से निपटेंगे।