इंदिरा को दोस्त मानते थे कास्त्रो, गांधी परिवार से थे आत्मीय संबंध
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सातवें गुटनिरपेक्ष आंदोलन के उद्घाटन अवसर पर 1983 में फिदेल कास्त्रो द्वारा प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गले लगाने की घटना भारत के साथ उनके संबंधों की गर्मजोशी का एक नमूना थी। कास्त्रो भारत के बहुत अच्छे मित्र भी थे।
उनके संबंध देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के साथ भी काफी अच्छे रहे थे और फिदेल उनका काफी सम्मान करते थे। पंडित नेहरू के समय भारत ऐसा पहला देश था जिसने 1959 में कास्त्रो की क्यूबा क्रांति को पूरी तरह से मान्यता दी थी। अमेरिका और क्यूबा के रिश्तों की परवाह किए बिना भारत ने छह दशकों तक क्यूबा के साथ राजनीतिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक और आपसी संबंधों को प्रमुखता दी थी।
नेहरू ने फिदेल कास्त्रो के लिए कहा था कि गुटनिरपेक्ष देश उनके नेतृत्व में आगे बढ़ने की उम्मीद रखते हैं। भारत के पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने बताया कि कई वर्ष पहले कास्त्रो ने मुझसे कहा था कि बहुत पहले उनकी मुलाकात न्यूयॉर्क के एक होटल में पंडित जवाहर लाल नेहरू से हुई थी, जिसे वह कभी नहीं भूल सकते क्योंकि तब कास्त्रो की उम्र मात्र 34 वर्ष की थी और उन्हें राजनीति का कोई अनुभव भी नहीं था।
नेहरू-गांधी परिवार से रिश्ते के लिए भी जाने जाएंगे फिदेल
फिदेल ने कहा था, ‘उस वक्त मैं बहुत तनाव में था और नेहरू खुद आगे होकर मेरे पास गए और मुझमें उत्साह बढ़ाया था।’ उन्होंने कहा था, ‘मैं ताउम्र महान नेहरू का अहसान नहीं उतार सकता हूं।’ कास्त्रो को नेहरू-गांधी परिवार के रिश्ते के लिए भी हमेशा याद रखा जाएगा।
इस रिश्ते को उन्होंने 1983 के नई दिल्ली में हुए गुटनिरपेक्ष समिट के एक घटना से यादगार बना दिया था। कास्त्रो इंदिरा गांधी को हमेशा से अपनी बहन मानते थे। 1983 के मार्च में विज्ञान भवन में सातवें गुटनिरपेक्ष आंदोलन के उद्घाटन समारोह में 100 से भी अधिक राष्ट्र प्रमुखों व सरकारों ने हिस्सा लिया था। उस वक्त कास्त्रो व इंदिरा गांधी मंच पर थे, तभी फिदेल कास्त्रो ने विज्ञान भवन के मंच पर ही सरेआम इंदिरा गांधी को गले लगा लिया।
उस वक्त इंदिरा गांधी शरमा गई थीं। उनकी समझ में ही नहीं आया कि क्या करें। तभी पूरे हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। 1985 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी की क्यूबा यात्रा भी कास्त्रो के साथ संबंधों में मील का पत्थर साबित हुई। कास्त्रो ने उनके साथ काफी गर्मजोशी से मुलाकात की थी। 2006 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और 2013 में उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने भी क्यूबा की यात्रा की थी। अंसारी ने करीब 65 मिनट तक कास्त्रो से मुलाकात करते हुए भारत और क्यूबा के संबंधों पर चर्चा की।