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Survey: कर्ज आवेदनों में आय बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं 63 फीसदी भारतीय, 27% होम लोन के लिए देते हैं गलत जानकारी

Sat, 21 Sep 2024 05:54 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 21 Sep 2024 05:54 AM IST
सार

सर्वे में शामिल आधे से ज्यादा (54 फीसदी) भारतीयों का मानना है कि बीमा दावों में गड़बडी करना सामान्य बात है। सिर्फ एक तिहाई (33 फीसदी) भारतीय ही मानते हैं कि पर्सनल लोन के लिए आवेदन में आय को बढ़ा-चढ़ाकर बताना स्वीकार्य नहीं है, जबकि एक तिहाई (35 फीसदी) विशिष्ट परिस्थितियों में अपनी आय अधिक बताते हैं।

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FICO survey 27 percent Indians believe common deliberately misrepresent their income in home loan application
होम लोन - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

देश में हर पांच में से तीन (63 फीसदी) लोग कर्ज के लिए आवेदन करते समय अपनी आय को बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं। यह 39 फीसदी के वैश्विक औसत से काफी अधिक है। वित्तीय धोखाधड़ी को लेकर लोगों की राय जानने के लिए वैश्विक विश्लेषण सॉफ्टवेयर कंपनी एफआईसीओ की ओर से किए गए सर्वे के मुताबिक, एक चौथाई से अधिक (27 फीसदी) भारतीयों का मानना है कि होम लोन या अन्य कर्ज के आवेदनों में जानबूझकर अपनी आय को गलत तरीके से प्रस्तुत करना सामान्य बात है। यह सर्वे करीब 1,000 भारतीयों के साथ कनाडा, अमेरिका, ब्राजील, कोलंबिया, मेक्सिको, फिलीपीन, इंडोनेशिया, मलयेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रिटेन और स्पेन के लगभग 12,000 लोगों से बातचीत पर आधारित है। 

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बीमा क्लेम में भी करते हैं गड़बड़ी
सर्वे में शामिल आधे से ज्यादा (54 फीसदी) भारतीयों का मानना है कि बीमा दावों में गड़बडी करना सामान्य बात है। सिर्फ एक तिहाई (33 फीसदी) भारतीय ही मानते हैं कि पर्सनल लोन के लिए आवेदन में आय को बढ़ा-चढ़ाकर बताना स्वीकार्य नहीं है, जबकि एक तिहाई (35 फीसदी) विशिष्ट परिस्थितियों में अपनी आय अधिक बताते हैं।
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दुनियाभर में 56 फीसदी लोगों को आय अधिक बताना स्वीकार्य नहीं
भारत की तुलना में वैश्विक स्तर पर दृष्टिकोण काफी भिन्न हैं। सर्वे में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर 56 फीसदी लोग कर्ज आवेदनों में आय को बढ़ा-चढ़ाकर बताने को गलत मानते हैं। सिर्फ 24 फीसदी लोग ही कुछ परिस्थितियों में ऐसा करना स्वीकार्य मानते हैं, जबकि सात में से एक (15 फीसदी) के लिए गलत जानकारी देना सामान्य है।
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नौ शहरों में जुलाई-सितंबर में 18 फीसदी घट सकती है घरों की बिक्री
देशभर के 9 शहरों में जुलाई-सितंबर में मकानों की बिक्री सालाना आधार पर 18 फीसदी घट सकती है। प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से सितंबर तिमाही में 1.04 लाख घर बिक सकते हैं। एक साल पहले की इसी अवधि में यह बिक्री 1.27 लाख थी।


रिपोर्ट के अनुसार, मकानों की बिक्री सिर्फ दो शहरों में बढ़ सकती है। दिल्ली-एनसीआर में 22 फीसदी और नवी मुंबई में चार फीसदी तेजी का अनुमान है। इसके अलावा, सात शहरों हैदराबाद में बिक्री सबसे ज्यादा 42 फीसदी गिर सकती है। बंगलूरू में 26 फीसदी, कोलकाता में 23 फीसदी, पुणे में 19 फीसदी, चेन्नई में 18 फीसदी, मुंबई में 17 फीसदी और थाणे में 10 फीसदी गिरावट आ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रियल एस्टेट बाजार में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। एजेंसी

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