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Bengal: कोलकाता के अस्पताल में महिला डॉक्टर की हत्या का मामला हाईकोर्ट पहुंचा; तीन याचिकाएं दाखिल, सुनवाई कल
Mon, 12 Aug 2024 03:33 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 12 Aug 2024 03:33 PM IST
सार
कोलकाता के आरजीकर मेडिकल अस्पताल में महिला डॉक्टर की हत्या के बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और छात्र सड़क पर उतरकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर्स, प्रशिक्षु और स्नातकोत्तर प्रशिक्षु हड़ताल पर हैं।
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कलकत्ता हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के कथित दुष्कर्म और हत्या मामले में कम से कम तीन जनहित याचिकाएं कलकत्ता हाईकोर्ट में दाखिल की गई हैं। इनमें मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की गई है। सभी याचिकाओं पर मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी।
मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष सोमवार को कम से कम तीन जनहित याचिकाएं दायर की गईं, जिनमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर के कथित बलात्कार और जघन्य हत्या की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की गई। खंडपीठ में न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य भी शामिल हैं। पीठ ने कहा कि वह जनहित याचिकाओं तथा इस मुद्दे से संबंधित अन्य याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई करेगी।
जानकारी के मुताबिक, एक याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट के वकील कौस्तव बागची ने अदालत में एक याचिका दायर की है। उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की और सभी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और रेस्ट रूम में उचित सुरक्षा के साथ सीसीटीवी कैमरा लगाने का अनुरोध किया।
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हाईकोर्ट के मुख्यय न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की पीठ ने इसकी जानकारी दी। इसके साथ ही वकील फिरोज एडुल्जी ने पुलिस की जांच में त्रुटि का आरोप लगाया है और उन्होंने अदालत से कहा कि वह मामले की सुनवाई के दौरान इस संबंध में दलीलें पेश करेंगे।
बता दें कि कोलकाता के आरजीकर मेडिकल अस्पताल में महिला डॉक्टर की हत्या के बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और छात्र सड़क पर उतरकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर्स, प्रशिक्षु और स्नातकोत्तर प्रशिक्षु हड़ताल पर हैं। इस भयावह घटना के बाद आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रिंसिपल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
क्या है पूरा मामला
आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की है। मृतक मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं। गुरुवार को अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद रात के 12 बजे उसने अपने दोस्तों के साथ डिनर किया। इसके बाद से महिला डॉक्टर का कोई पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह उस वक्त मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया जब चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल से अर्ध नग्न अवस्था में डॉक्टर का शव बरामद हुआ। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। जूनियर महिला डॉक्टर का शव गद्दे पर पड़ा हुआ था और गद्दे पर खून के धब्बे मिले। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतक महिला डॉक्टर के मुंह और दोनों आंखों पर था। गुप्तांगों पर खून के निशान और चेहरे पर नाखून के निशान पाए गए। होठ, गर्दन, पेट, बाएं टखने और दाहिने हाथ की उंगली पर चोट के निशान थे।
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मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष सोमवार को कम से कम तीन जनहित याचिकाएं दायर की गईं, जिनमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर के कथित बलात्कार और जघन्य हत्या की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की गई। खंडपीठ में न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य भी शामिल हैं। पीठ ने कहा कि वह जनहित याचिकाओं तथा इस मुद्दे से संबंधित अन्य याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई करेगी।
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जानकारी के मुताबिक, एक याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट के वकील कौस्तव बागची ने अदालत में एक याचिका दायर की है। उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की और सभी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और रेस्ट रूम में उचित सुरक्षा के साथ सीसीटीवी कैमरा लगाने का अनुरोध किया।
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हाईकोर्ट के मुख्यय न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की पीठ ने इसकी जानकारी दी। इसके साथ ही वकील फिरोज एडुल्जी ने पुलिस की जांच में त्रुटि का आरोप लगाया है और उन्होंने अदालत से कहा कि वह मामले की सुनवाई के दौरान इस संबंध में दलीलें पेश करेंगे।
बता दें कि कोलकाता के आरजीकर मेडिकल अस्पताल में महिला डॉक्टर की हत्या के बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और छात्र सड़क पर उतरकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर्स, प्रशिक्षु और स्नातकोत्तर प्रशिक्षु हड़ताल पर हैं। इस भयावह घटना के बाद आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रिंसिपल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
क्या है पूरा मामला
आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की है। मृतक मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं। गुरुवार को अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद रात के 12 बजे उसने अपने दोस्तों के साथ डिनर किया। इसके बाद से महिला डॉक्टर का कोई पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह उस वक्त मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया जब चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल से अर्ध नग्न अवस्था में डॉक्टर का शव बरामद हुआ। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। जूनियर महिला डॉक्टर का शव गद्दे पर पड़ा हुआ था और गद्दे पर खून के धब्बे मिले। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतक महिला डॉक्टर के मुंह और दोनों आंखों पर था। गुप्तांगों पर खून के निशान और चेहरे पर नाखून के निशान पाए गए। होठ, गर्दन, पेट, बाएं टखने और दाहिने हाथ की उंगली पर चोट के निशान थे।