{"_id":"5c61887abdec224c741210e8","slug":"farooq-abdullah-says-muslims-did-not-thinks-of-the-jamaat-country-this-not-condition-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"अगर मुसलमान देश से पहले जमात की बात न सोचते तो आज उनकी ये हालत न होतीः फारूक अब्दुल्ला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अगर मुसलमान देश से पहले जमात की बात न सोचते तो आज उनकी ये हालत न होतीः फारूक अब्दुल्ला
Mon, 11 Feb 2019 08:32 PM IST
Amit Digital
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Digital
Updated Mon, 11 Feb 2019 08:32 PM IST
विज्ञापन
डॉ. फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : FILE PHOTO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आज देश में मुसलमानों की जो स्थिति है, उसके जिम्मेदार वे खुद हैं। मुसलमान देश से पहले अपने जमात की बात सोचने लगे। उन्होंने देश को पीछे छोड़ दिया। उन्हें समझना चाहिये कि अगर मुल्क रहेगा तभी उनकी जमात सुरक्षित रहेगी।
विज्ञापन
मुल्क के न रहने पर मुसलमानों की जमात भी सुरक्षित नहीं रहेगी। उन्होंने कठोर शब्दों में ऐसे लोगों की निंदा की जो पहले अपने धर्म की बात सोचते हैं और मुल्क को पीछे छोड़ देते हैं। अब्दुल्ला ने यह बात सोमवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कही।
विज्ञापन
नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आज देश के जो हालात हैं उसके जिम्मेदार सियासी लोग हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक हितों के लिए देश के हितों को पीछे धकेल दिया। इन राजनीतिक दलों ने मुसलमानों को एक वोट बैंक के नजरिये से देखा और उन्हें कभी ऊपर उठने नहीं दिया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जमात-जमात के नाम पर हिंदू-मुस्लिम में फर्क कर दिया गया। अगर सभी इस मुल्क को अपनी जमात समझें और उसके लिए साझा कोशिशें करें तो कभी कोई खतरा नहीं होगा। लेकिन खतरा इसलिए हो रहा है क्योंकि कुछ लोग अपनी-अपनी जमात के नाम पर बंटे हुए हैं।
श्रीनगर से सांसद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आज भी कुछ लोग हैं जो ये ख्वाब देखते हैं कि एक दिन जम्मू-कश्मीर पाकिस्तान में मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को जिंदा देखते चाहने वाले दिल्ली की सरकार में बैठे हुए कुछ लोग थे। अब्दुल्ला ने कहा कि पहले उन्हें हमें मिटाने के लिए पैसे दिये जाते थे क्योंकि हम लोग हिंदुस्तान के साथ खड़े थे। लेकिन उन्हें समझना होगा कि कभी ऐसी कोई तारीख नहीं आएगी जब जम्मू-कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा।
जिंदगी जरा आहिस्ता चल
मुहम्मद अदीब ने अपनी पुस्तक 'जिंदगी जरा आहिस्ता चल' के विमोचन के अवसर पर कहा कि उनकी पुस्तक उनकी वह आत्मकथा है जिसमें उन्होंने देश की राजनीति में मुसलमान नेताओं की एक यात्रा लिखी है। उन्होंने कहा कि देश में अमन-चैन को कायम रखने के लिए आदमी को इंसान बनाने की जरुरत है जबकि उसे धर्मों-मजहब के नाम पर अलग-अलग किया जा रहा है जो लोगों के बीच दूरी पैदा कर रहा है।
इस अवसर पर पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, आप सांसद संजय सिंह, सीपीआई नेता डी. राजा, फारुख अब्दुल्ला, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और आरजेडी नेता साधु यादव उपस्थित रहे।